लालकुआं (विशेष संवाददाता):
देवभूमि की शांत फिजाओं में गुरुवार का दिन एक नई राजनीतिक और सामाजिक हलचल का गवाह बना। लालकुआं के कोने-कोने में भारत माता के जयकारों और हाथ में थमे तिरंगे की आन-बान-शान का अद्भुत नजारा देखने को मिला। लालकुआं की सड़कों पर उतरा यह विशाल जनसैलाब महज एक सामान्य आयोजन नहीं था—इसके पीछे छुपा था प्रदेश के लाखों युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का एक बेहद खास और दूरगामी ‘रणनीतिक रोडमैप’, जिसका खुलासा खुद भाजयुमो प्रदेश महामंत्री दीपेन्द्र कोश्यारी ने किया है।
देशभक्ति के रंग में रंगा लालकुआं
गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लालकुआं मंडल के तत्वावधान में एक भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया गया। वरिष्ठ भाजपा नेता सरदार गुरुदीप सिंह के आवास से शुरू हुई यह ऐतिहासिक यात्रा जब मुख्य बाजार से होते हुए नगर भ्रमण पर निकली, तो पूरा शहर राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा।
इस विशाल यात्रा में सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पवन चौहान, मंडल अध्यक्ष अरुण जोशी, कमल मुनी हरीश नैनवाल व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, वरिष्ठ नेता सरदार गुरुदीप सिंह, संजीव शर्मा, राजकुमार सेतिया, अरुण कुमार, बॉबी संभल, रोहन चौधरी, लालचंद सिंह और हरबंस सिंह सहित संगठन व स्थानीय व्यापार जगत के तमाम दिग्गज और भारी संख्या में कार्यकर्ता एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले।
क्या है इस अभियान का असली मकसद? दीपेन्द्र कोश्यारी ने बतायी ये बातें
लालकुआं में उमड़े इस अभूतपूर्व उत्साह के बीच भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश महामंत्री दीपेन्द्र कोश्यारी ने इस अभियान के पीछे की कार्ययोजना और संगठन की प्राथमिकताओं का विस्तार से वार्त्ता की।
उन्होंने बताया कि लालकुआं का यह कारवां राष्ट्र के प्रति समर्पण व भक्ति का प्रतीक है आगे संगठन का उद्देश्य सीमांत और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी युवा शक्ति को एक मंच पर लाना भी है:
उन्होंने” कहा इस पावन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। श्री कोश्यारी ने कहा हम चाहते हैं कि आज का युवा केवल दर्शक न बने, बल्कि उसमें सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति का गहरा बोध जागे।” उन्होंने कहा
प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित होने वाली इस यात्रा के माध्यम से राज्य के लाखों युवाओं को एक साथ जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। श्री कोश्यारी ने विपक्षी आरोपों का जवाब देते हुए साफ किया कि तिरंगा यात्रा को राजनीति से जोड़कर देखना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज किसी एक दल का विषय नहीं, बल्कि देश के सभी नागरिकों की अटूट एकता का प्रतीक है।
भाजयुमो प्रदेश महामंत्री ने लालकुआं क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के युवाओं से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रव्यापी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने-अपने संस्थानों व घरों पर ‘हर घर तिरंगा’ फहराकर राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश दें।
तिरंगा हमारे साहस, शौर्य और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: दीपेन्द्र कोश्यारी
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महत्ता और राष्ट्रीय अखंडता पर प्रकाश डालते हुए श्री दीपेन्द्र कोश्यारी ने कहा कि तिरंगा केवल तीन रंगों का मेल नहीं, बल्कि समस्त भारतीयों की धड़कन और देश के वीर जवानों के त्याग एवं सर्वोच्च बलिदान का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब भी बात तिरंगे की आती है, तो देश के सभी नागरिक जाति, धर्म, भाषा और प्रांतीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट हो जाते हैं और पूरा भारत वर्ष एक सूत्र में बंध जाता है।
श्री कोश्यारी ने तिरंगे के रंगों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज भारत के गौरवशाली इतिहास और संप्रभुता की जीवंत पहचान है। ध्वज का केसरिया रंग स्वतंत्रता सेनानियों एवं सीमाओं पर मुस्तैद जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान को दर्शाता है, वहीं श्वेत रंग पूरी दुनिया को शांति, सत्य और पवित्रता का संदेश देता है। उन्होंने आगे कहा कि हरा रंग हमारी धरा की खुशहाली व समृद्धि का प्रतीक है और मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें निरंतर न्याय व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि चाहे खेल का मैदान हो, वैज्ञानिक खोज का मंच हो या देश की सीमा, तिरंगा देखते ही हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। संकट की घड़ी हो या विजय का उत्सव, तिरंगे के साये तले हम सब अपनी व्यक्तिगत पहचान भूलकर केवल और केवल भारतीय बनकर खड़े होते हैं। अंत में श्री कोश्यारी ने सभी से अपनी निष्ठा और कर्तव्यपरायणता से देश की उन्नति में योगदान देने तथा तिरंगे की आन, बाण और शान को सदैव ऊंचा रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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