एक अनमोल भेंट जिसने लालकुआँ के इस चर्चित समाजसेवी का दिल छू लिया… जानिए क्या था उस दिव्य पुस्तक का रहस्य!

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लालकुआँ की पावन धरा पर आज उस समय श्रद्धा और आत्मीयता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जब नगर के जाने-माने समाजसेवी और उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह के समक्ष एक बेहद विशेष और आध्यात्मिक उपहार प्रस्तुत किया गया।
मूल रूप से कानपुर की माटी में जन्मे, लेकिन लालकुआँ को अपनी कर्मभूमि बनाकर बरसों से गरीबों और जरूरतमंदों के दुखों का सहारा बनने वाले सरदार गुरदीप सिंह केवल मानवीय मूल्यों की प्रतिमूर्ति ही नहीं हैं, बल्कि उनका हृदय ईश्वर भक्ति से भी सराबोर रहता है। वर्षों से उनके जीवन का एक अटूट संबल रही है— ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ के प्रति उनकी अगाध आस्था। वे समय-समय पर माँ अवंतिका के दरबार में उपस्थित होकर अपनी निष्ठा और श्रद्धा के पुष्प अर्पित करते आए हैं।
आज की यह पावन मुलाकात तब बेहद खास बन गई, जब लालकुआँ आदर्श राम लीला कमेटी एवं प्रेस क्लब के अध्यक्ष बी. सी. भट्ट ने वरिष्ठ पत्रकार रमाकांत पंत द्वारा लिखित पुस्तक ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ भेंट स्वरूप सरदार गुरदीप सिंह के हाथों में सौंपी।
यह पावन पुस्तक प्राप्त करते ही सरदार गुरदीप सिंह के चेहरे पर एक अलौकिक प्रसन्नता और भावुकता तैर गई। पुस्तक को हाथ में थामते ही उनका हृदय माँ के प्रति कृतज्ञता से भर उठा। इस आत्मीय क्षण में उन्होंने माँ अवंतिका की महिमा का इतने सरस, मधुर और आत्मीय शब्दों में बखान किया कि वहाँ मौजूद हर व्यक्ति भक्ति के रस में डूब गया। यह भेंट केवल एक पुस्तक का आदान-प्रदान नहीं थी, बल्कि अटूट श्रद्धा, सेवा और समर्पण का एक ऐसा पावन मिलन था, जो लालकुआँ की फिज़ाओं में भक्ति का एक नया रंग घोल गया।