“बिन्दुखत्ता में गूंज उठा महा बिन्देश्वर का जयघोष, पाँच किलोमीटर की कलश यात्रा में बिखरी भक्तिरस की रौशनी”

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“बिन्दुखत्ता में गूंज उठा महा बिन्देश्वर का जयघोष, पाँच किलोमीटर की कलश यात्रा में बिखरी भक्तिरस की रौशनी”

“पाँच किलोमीटर की आस्था, कलशों में बहती भक्ति की रौशनी”

 

महा बिन्देश्वर मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत का भव्य शुभारम्भ, कलश यात्रा से बिखरी अध्यात्म की अनुपम छटा
बिन्दुखत्ता के इन्द्रानगर द्वितीय स्थित महा बिन्देश्वर मंदिर में आज श्रीमद् देवी भागवत कथा के शुभारम्भ के साथ ही सम्पूर्ण क्षेत्र आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिरस से सराबोर हो गया। मंदिर परिसर मंत्रोच्चार, शंखनाद और माँ भगवती के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण में अद्भुत पवित्रता और ऊर्जा का संचार हुआ।
शुभारम्भ से पूर्व निकाली गई लगभग पाँच किलोमीटर लंबी भव्य कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया। सिर पर कलश धारण किए श्रद्धालु महिलाएं, बालिकाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे, भजन-कीर्तन करते हुए नगर मार्गों से गुजरे। केसरिया ध्वज लहराते हुए, ढोल-नगाड़ों की मधुर ध्वनि और शंखनाद के साथ यह यात्रा मानो देवी शक्ति की जीवंत झांकी बन गई।
मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भक्तों की आंखों में श्रद्धा की चमक और हृदय में भक्ति का भाव स्पष्ट झलक रहा था। कलशों में विराजित पवित्र जल, आम्रपत्र और नारियल के साथ देवी आह्वान का यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावविभोर कर देने वाला था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं माँ भगवती अपने भक्तों के बीच भ्रमण कर रही हों।
मंदिर पहुंचने पर विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों की स्थापना की गई और देवी पूजन सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही श्रीमद् देवी भागवत कथा का शुभारम्भ हुआ, जिसमें आगामी दिनों तक श्रद्धालु माँ की महिमा, लीलाओं और दिव्य संदेशों का श्रवण करेंगे।
इस पावन अवसर पर मंदिर समिति, आयोजकों, महिला मंडलों, युवाओं तथा स्थानीय नागरिकों का विशेष सहयोग रहा। समूचा बिन्दुखत्ता क्षेत्र आज अध्यात्म, श्रद्धा और संस्कार की अनुपम छटा से आलोकित हो उठा।