संवेदना का कॉरपोरेट चेहरा: जब औद्योगिक प्रगति के साथ धड़कता है मानवीय सरोकारों का दिल

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संवेदना का कॉरपोरेट चेहरा: जब औद्योगिक प्रगति के साथ धड़कता है मानवीय सरोकारों का दिल

आधुनिक औद्योगिक युग में किसी संस्थान की सफलता का पैमाना अक्सर केवल उत्पादन के आंकड़ों, टर्नओवर और मुनाफे के ग्राफ से आंका जाता है। लेकिन असल मायने में कोई भी औद्योगिक घराना तब महान बनता है, जब उसकी समृद्धि का लाभ समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है। लालकुआं स्थित सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल ने समय-समय पर इस बात को साबित किया है। शनिवार को पावन माँ अवंतिका मंदिर परिसर में मिल के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जो मिसाल पेश की गई, उसने यह साफ कर दिया कि सेंचुरी मिल का प्रबंधन व्यावसायिक कुशलता के साथ-साथ गहरी सामाजिक संवेदना भी रखता है।
मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण में क्षेत्र की सुख- समृद्ध के लिए पूजा-अर्चना करने पहुंचे सेंचुरी मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार गुप्ता ने जब एक जरूरतमंद बेटी नीतू तिवारी को अपने हाथों से इलेक्ट्रिकल ट्राई साइकिल (बैटरी चालित तिपहिया साइकिल) की चाबी सौंपी, तो वह दृश्य हर देखने वाले के दिल को छू गया। यह महज एक उपकरण का वितरण नहीं था, बल्कि एक लाचार जीवन को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के पंख देने का प्रयास था। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अनुकरणीय बात यह रही कि स्थानीय सभासद दीप्ती हेमन्त पाण्डे के मात्र एक बार के अनुरोध पर मिल प्रबंधन ने बिना किसी औपचारिकता की देरी के तुरंत इस पर अमल किया।

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यह तत्परता दर्शाती है कि सीईओ अजय कुमार गुप्ता के भीतर एक उच्च कोटि के प्रशासनिक नीति-नियंता के साथ-साथ एक अत्यंत सहृदय और संवेदनशील इंसान वास करता है। मानवीय गुणों की यह अद्भुत मिसाल आज के दौर में विरली ही देखने को मिलती है। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। हम सभी को मिलकर जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। बेटियां हमारी सबसे बड़ी धरोहर और समाज की बुनियाद हैं, जिन्हें संबल देना हमारा सामूहिक दायित्व है।
इस पुनीत कार्य को केवल एक बार की सहायता न मानकर, इसे एक सतत प्रक्रिया के रूप में जारी रखने का भरोसा देकर मिल प्रबंधन ने क्षेत्र का दिल जीत लिया। इस अवसर पर मौजूद मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा ने सेंचुरी मिल की दीर्घकालिक सोच और प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा कि समाज के प्रति मिल की जो जिम्मेदारी है, उसे हम भविष्य में भी इसी तरह पूरी निष्ठा के साथ निभाते रहेंगे। क्षेत्र का विकास और यहाँ के लोगों की खुशहाली हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।
उपाध्यक्ष का यह वक्तव्य इस बात की पुष्टि करता है कि सेंचुरी मिल कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) को सिर्फ एक कानूनी औपचारिकता नहीं मानती, बल्कि इसे अपनी संस्थागत संस्कृति और आत्मा का हिस्सा मानती हैजब उद्योग के शीर्ष अधिकारी इस तरह की सोच के साथ धरातल पर उतरते हैं, तो उद्योगों और स्थानीय जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत सेतु तैयार होता है।
माँ अवंतिका धाम में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती, महामन्त्री भुवन पाण्डे, आचार्य पo चन्द्र शेखर जोशी व्यापार मण्डल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट गोपाल दत्त जोशी सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ यह आयोजन केवल एक समाचार नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा पुंज है। सेंचुरी मिल के इस संवेदनशील कदम ने न केवल बेटी नीतू को अपनी मंजिलों को छूने की नई राह दिखाई है, बल्कि पूरे उद्योग जगत के सामने यह नजीर पेश की है कि असली तरक्की वही है जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सके। सचमुच, सेवा और संवेदना का यह संगम इस क्षेत्र के इतिहास में एक सुंदर अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

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