हल्दूचौड़ (रिम्पी बिष्ट)।
दुमकाबंगर बच्चीधर्मा स्थित दुर्गापुरम कॉलोनी में प्रमुख समाजसेवी व पंखुड़ियाँ संस्था के सदस्य पंकज गोस्वामी के आवास में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा पुराण का समापन सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हुआ।
कथा के अंतिम दिन सुदामा-कृष्ण मिलन प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा पंडाल में उपस्थित भक्तगण भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता, प्रेम और समर्पण के भाव में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए।
कथावाचक आचार्य पंडित नवीन चंद्र जोशी ने व्यासपीठ से कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता मानव जीवन के लिए आदर्श है। उन्होंने बताया कि सच्चा प्रेम और मित्रता कभी धन-दौलत नहीं देखती, बल्कि भाव और समर्पण को महत्व देती है। भगवान केवल श्रद्धा और निष्कपट भक्ति से ही प्रसन्न होते हैं।
कथा के समापन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूर्णाहुति के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
समापन समारोह में पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं महाआरती में भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं धर्मप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
आयोजन के मुख्य संयोजक पंकज गोस्वामी ने कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज में प्रेम, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देती है तथा ऐसे धार्मिक आयोजनों से सामाजिक एकता और सद्भाव को भी नई ऊर्जा मिलती है.
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
