श्रीराम कथा में पूर्ण समर्पण की मिसाल बने मुख्य यजमान दंपती, श्रीमती एवं श्री कुलदीप मिश्रा का भावपूर्ण अनुकरणीय योगदान

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लालकुआँ।
श्रीराम कथा जैसे दिव्य आयोजन में जब यजमान का भाव निष्काम, श्रद्धापूर्ण और पूर्ण समर्पण से ओतप्रोत होता है, तभी कथा का रस और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। लालकुआँ में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान मुख्य यजमान एवं परिक्षित की भूमिका में श्रीमती एवं श्री कुलदीप मिश्रा का समर्पण भाव सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आया।
कथा के प्रत्येक दिवस में श्रीमती एवं श्री कुलदीप मिश्रा ने श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन किया। प्रभु श्रीराम के चरणों में पूर्ण निष्ठा अर्पित करते हुए उन्होंने न केवल धार्मिक मर्यादाओं का पालन किया, बल्कि कथा आयोजन की पवित्रता और गरिमा को भी बनाए रखा।
कथावाचक एवं संतजनों ने यजमान दंपती के इस आदर्श आचरण की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि जब परिक्षित का भाव शुद्ध और समर्पित होता है, तभी कथा जन-जन के हृदय में उतरती है। उनका शांत, विनम्र और भक्तिभाव से परिपूर्ण आचरण उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श उदाहरण बना।
श्रीराम नाम की गूंज, मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच यजमान दंपती का यह पूर्ण समर्पण भाव आयोजन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक ले गया। श्रद्धालुओं ने भी उनके इस प्रेरक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की।