महर्षि कुशण्डी की तपोभूमि कुचौली में नवरात्र महायज्ञ को लेकर उत्साह, डॉ. स्वामी मोहन रामानुज श्री वैष्णवदास के आगमन की सूचना से क्षेत्र में श्रद्धा का संचार

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कुचौली/बागेश्वर। महर्षि कुशण्डी ऋषि की पावन तपोभूमि कुचौली गांव इन दिनों धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर है। यहां आयोजित होने वाले महायज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
विशेष बात यह है कि इस पावन अवसर पर प्रख्यात संत एवं वैदिक परंपरा के विद्वान डॉ. स्वामी मोहन रामानुज श्री वैष्णवदास के कुचौली आगमन की सूचना से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में अपार हर्ष व्याप्त है। उनके आगमन को लेकर गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में उनके स्वागत की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
गौरतलब है कि कुचौली गांव महर्षि कुशण्डी ऋषि की तपोभूमि के रूप में विख्यात है, जहां प्राचीन काल में ऋषि द्वारा लोककल्याण के लिए यज्ञ और हवन संपन्न किए जाते थे। हाल के वर्षों में यहां प्राचीन हवन कुण्ड की पुनः खोज होने के बाद इस स्थल की धार्मिक महत्ता और भी बढ़ गई है।
आगामी महायज्ञ में देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ग्रामीणों का मानना है कि इस आयोजन से न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी सुदृढ़ होगी।
क्षेत्रवासियों के अनुसार डॉ. स्वामी मोहन रामानुज श्री वैष्णवदास का आगमन इस महायज्ञ को और अधिक गरिमा प्रदान करेगा तथा महर्षि कुशण्डी की तपोभूमि एक बार फिर वैदिक यज्ञ परंपरा के दिव्य प्रकाश से आलोकित होगी।