बागेश्वर
जनपद बागेश्वर के पावन एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कुचौली गाँव, जो प्राचीन काल से कुशण्डी ऋषि की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है, में आयोजित नौ दिवसीय विराट यज्ञ का विधिवत पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। यज्ञ के समापन अवसर पर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
इस विराट धार्मिक आयोजन में निरंजनी अखाड़ा के महंत सर्वेश्वर गिरी महाराज, विश्व विख्यात संत स्वामी रामभद्राचार्य जी के कृपा-पात्र शिष्य मनोज कृष्ण जोशी तथा प्रसिद्ध वैष्णवी संत स्वामी मोहनाचार्य जी की विशेष उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा। उनके सान्निध्य में अनेक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ सम्पन्न कराया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
यज्ञ में यजमान दम्पति ज्योति पंत एवं योगेश पंत सहित धीरज पंत, देवांश पंत, गिरीश जोशी, राजेन्द्र सिंह भण्डारी, नीमा पंत, गौरव पंत, विवेक पंत, भुवन चन्द्र बचखेती, भुवन चन्द्र पंत, हेम चन्द्र पंत, भुवन चन्द्र जोशी, तरुण पंत, पूरन चन्द्र पंत, धीरज रमेश चन्द्र पंत सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नौ दिनों तक चले इस विराट यज्ञ के दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन, हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु कुचौली पहुँचकर इस पुण्य आयोजन में सहभागी बने। पूरे गाँव में इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण की विशेष छटा देखने को मिली।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य मनोज कृष्ण जोशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे वैदिक यज्ञ केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता के संवाहक भी होते हैं। उन्होंने बताया कि यज्ञ परम्परा हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है, जिसे निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर यजमान दम्पति ज्योति पंत एवं योगेश पंत ने सभी संत-महात्माओं, ब्राह्मणों, सहयोगियों तथा दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह आयोजन भव्य एवं सफल बन सका।
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