हल्द्वानी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में भगवान शिव कथामृत कार्यक्रम के अंतर्गत एम.बी. ग्राउंड परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना का भव्य आयोजन किया गया। मंत्रोच्चार और वैदिक विधियों के बीच श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर भगवान शिव से लोककल्याण, शांति और समृद्धि की कामना की।
पूजा संपन्न होने के उपरांत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। हर-हर महादेव के जयघोष, शंखनाद और भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। सैकड़ों मातृशक्तियों के सिरों पर सुशोभित कलश और भक्तों के नृत्य-गान ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया।
कलश यात्रा एम.बी. ग्राउंड से प्रारंभ होकर नवाबी रोड, जेल रोड चौराहा, कालू सिद्ध बाबा मंदिर, तिकोनिया और कॉलेज रोड होते हुए पुनः एम.बी. ग्राउंड में संपन्न हुई। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
संस्थान की ओर से जानकारी दी गई कि 28 जनवरी से 4 फरवरी तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालुओं को कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त होगा।
इस पावन अवसर पर हल्द्वानी नगर निगम के महापौर गजराज सिंह बिष्ट, नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड लालकुआँ के अध्यक्ष मुकेश बोरा, महाराज स्वामी उमेशानंद, कथावाचक सर्वेश्वर महाराज जी, संस्थान से जुड़े संत-महात्मा, मातृशक्ति सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कलश यात्रा का आध्यात्मिक महत्व:
व्यास जी ने कलश यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हिन्दू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मंगल कलश स्थापना से होती है। यह सृजन, मातृत्व और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक है। समुद्र मंथन की कथा से जुड़े इस कलश में विष्णु, रुद्र और ब्रह्मा की त्रिगुणात्मक शक्ति का वास माना गया है।
उन्होंने बताया कि तांबे के पात्र में जल विद्युत-चुम्बकीय ऊर्जा से युक्त हो जाता है, जबकि नारियल ब्रह्मांडीय ऊर्जा का संवाहक माना जाता है। यही कारण है कि यज्ञ, अनुष्ठान, भागवत कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों में कलश की स्थापना अनिवार्य होती है।
धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक है। देवी पुराण में भी मां भगवती की पूजा में सर्वप्रथम कलश स्थापना का विधान बताया गया है। भागवत कथा या शिव महापुराण से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा के दर्शन मात्र से रोग, शोक, दुःख, दरिद्रता और विपदाओं का नाश होता है।
इस भव्य आयोजन ने न केवल हल्द्वानी को आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित किया, बल्कि जनमानस में धर्म, संस्कार और श्रद्धा की नवचेतना का संचार भी किया।
नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड लालकुआँ के अध्यक्ष मुकेश बोरा का भक्तों के नाम आवाहन
“प्रिय श्रद्धालुजनों,
भगवान शिव की कृपा और शिव महापुराण कथा जैसे पावन आयोजनों से हमारे जीवन में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि अधिक से अधिक संख्या में इस दिव्य आयोजन में सहभागी बनें, कथा श्रवण करें और अपने जीवन को धर्म, संस्कार और भक्ति से आलोकित करें।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
