बिंदुखत्ता (नैनीताल)।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की करुणा, साधना और सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ सतपाल महाराज जी के सानिध्य में एक भव्य सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
महात्मा सत्यबोधानन्द महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में यह आध्यात्मिक एवं वैचारिक सम्मेलन 15 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन श्री हंस प्रयाग आश्रम, संजय नगर-2, बिंदुखत्ता, पोस्ट लालकुआँ, जिला नैनीताल (उत्तराखंड) में किया जाएगा।
महाराज ने अपने संदेश में कहा कि सद्भावना ही राष्ट्र की आत्मा है, और भगवान शिव स्वयं करुणा, वैराग्य और समरसता के प्रतीक हैं। शिव की आराधना हमें अहंकार से मुक्त होकर प्रेम, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि अध्यात्म के माध्यम से ही समाज में स्थायी शांति और सौहार्द की स्थापना संभव है।
महात्मा सत्यबोधानन्द महाराज ने बताया कि इस सम्मेलन में परम पूज्य श्री सतपाल जी महाराज सहित अनेक आत्मानुभवी संत, महामानव एवं विचारक अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से जनसमुदाय को आध्यात्मिक एवं नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। सम्मेलन के माध्यम से शिव तत्व त्याग, तप और करुणा को जीवन में उतारने का संदेश दिया जाएगा।
अंत में महाराज ने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि वे सपरिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित इस सद्भावना सम्मेलन में सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें और भगवान शिव की महिमा से प्रेरित होकर समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाएँ।
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