माँ अवंतिका धाम में भक्ति की सरिता, मातृ शक्तियों के अनुभवों से गूंजा मंदिर परिसर

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लालकुआँ।
लालकुआँ के प्रसिद्ध शक्ति स्थल माँ अवंतिका मंदिर में हल्द्वानी से पहुँची मातृ शक्तियों के समूह ने भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से माँ के चरणों में अपने श्रद्धा पुष्प अर्पित किए। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर परिसर भक्ति, साधना और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर दिखाई दिया।
इस अवसर पर सरोज बिष्ट, उमा कालाकोटी, पुष्पा नयाल, मंजू मेहता, भावना बोरा सहित अनेक श्रद्धालु मातृ शक्तियाँ उपस्थित रहीं। सभी ने विधिवत पूजन-अर्चन कर माँ अवंतिका से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की मंगल कामना की। पूजा-अर्चना का पावन कार्य पण्डित चन्द्र शेखर जोशी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न कराया गया।
मातृ शक्तियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि माँ अवंतिका की शरण में आने से जीवन में अद्भुत सकारात्मक परिवर्तन होते हैं।
सरोज बिष्ट ने कहा कि माँ की कृपा से उनके परिवार में सुख-शांति और सामंजस्य बढ़ा है।
उमा कालाकोटी ने अपने जीवन में आई कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने का श्रेय माँ अवंतिका की अनुकंपा को दिया।
पुष्पा नयाल ने स्वास्थ्य लाभ और मानसिक शांति का अनुभव साझा किया।
मंजू मेहता ने बताया कि माँ की कृपा से उनके कार्यों में सफलता और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।
भावना बोरा ने कहा कि माँ के दरबार में आकर उन्हें आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा प्राप्त होती है।
माँ अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह रजवार की धर्मपत्नी दुर्गा देवी रजवार ने सभी मातृ शक्तियों का आत्मीय स्वागत किया और उनके आगमन को मंदिर परिवार के लिए सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि माँ के दरबार में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु परिवार का सदस्य होता है।
माँ अवंतिका मंदिर क्षेत्र का एक प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है। यहाँ आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु माँ की करुणा, वात्सल्य और रक्षा कवच का अनुभव करता है। मान्यता है कि माँ अवंतिका अपने भक्तों की प्रत्येक सच्ची पुकार सुनती हैं और उन्हें जीवन की कठिन राहों से पार लगाती हैं।
आज श्री राम मंदिर की वर्षगांठ भी होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मातृ शक्तियों ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म की स्थापना को स्मरण करते हुए राम नाम का स्मरण किया और इसे भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की गौरवशाली उपलब्धि बताया।
गुप्त नवरात्रि के इन पावन दिनों में माँ अवंतिका धाम श्रद्धा, साधना और सिद्धि का संगम बन गया है, जहाँ भक्ति की धारा निरंतर प्रवाहित हो रही है और भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम अनुभव प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर पण्डित कैलाश चन्द्र जोशी रोहित नयाल वरुण पाठक आदि मौजूद रहे

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