कन्या पूजन के साथ आरम्भ हुआ माँ अवंतिका मन्दिर में होली भण्डारे का पावन आयोजन

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लालकुआँ। देवभूमि की सनातन परंपरा में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या पुण्य कार्य के आरम्भ से पूर्व शक्ति स्वरूपा कन्याओं का पूजन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इसी पावन परंपरा का अनुपालन करते हुए लालकुआँ स्थित माँ अवंतिका मन्दिर में होली के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले भण्डारे के आरम्भ से पूर्व विधि-विधान के साथ कन्या पूजन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी कन्याओं को माँ भगवती का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया, उनके चरण धोकर तिलक लगाया और उन्हें प्रसाद एवं उपहार भेंट किए। सनातन मान्यता के अनुसार कन्याएं स्वयं आदिशक्ति का रूप होती हैं और उनके पूजन से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
कन्या पूजन के पश्चात होली भण्डारे का शुभारम्भ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं, भक्तों और क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और होली के उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने माँ अवंतिका का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से न केवल समाज में धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि आपसी प्रेम, सौहार्द और सेवा भाव भी बढ़ता है। माँ अवंतिका मन्दिर में आयोजित यह भण्डारा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सेवा का सुंदर संगम बन गया।