श्रमिकों के पसीने से ही गतिमान है देश के विकास का पहिया” : अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सेंचुरी मिल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष अमन सुयाल ने किया कामगारों का अभिनंदन
लालकुआँ/’अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस’ (मई दिवस) के पावन अवसर पर जहाँ पूरी दुनिया में श्रमिकों के अतुलनीय योगदान को याद किया जाता है, वहीं सेंचुरी मिल परिसर में भी इस दिन को बेहद सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया गया। सेंचुरी मिल वर्कर्स यूनियन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यूनियन के अध्यक्ष श्री अमन सुयाल ने सभी कामगारों को संबोधित करते हुए उनके अथक परिश्रम और राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान को शत-शत नमन किया।
कार्यक्रम में उपस्थित मजदूरों की विशाल सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अमन सुयाल ने बेहद ओजस्वी और प्रेरणादायक शब्दों में कहा, “एक मजदूर की ताकत और उसके पसीने की बूंदों से ही कोई कारखाना चलता है, और अंततः यह पूरा देश चलता है।”
*मजदूर ही है अर्थव्यवस्था की असली रीढ़:*
अपने संबोधन में श्री सुयाल ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र के विकास की कोई भी कल्पना श्रमिकों के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि कारखानों में लगी बड़ी-बड़ी मशीनें खुद-ब-खुद नहीं चलतीं, उनमें जान फूंकने का काम हमारे मेहनतकश मजदूरों के हाथ ही करते हैं। सुई से लेकर हवाई जहाज तक, और एक ईंट से लेकर गगनचुंबी इमारतों तक—सब कुछ मजदूरों के कौशल और उनके निस्वार्थ श्रम का ही परिणाम है। सेंचुरी मिल की सफलता और इसकी तरक्की का पूरा श्रेय उन्होंने मिल के हर एक कर्मचारी की कड़ी मेहनत को दिया।
*श्रम का सम्मान और उज्जवल भविष्य की कामना:*
इस सकारात्मक और ऊर्जा से भरे आयोजन में अमन सुयाल ने कहा कि मजदूर केवल कारखाने का कर्मचारी नहीं, बल्कि वह सच्चे अर्थों में ‘राष्ट्र-निर्माता’ है। जब एक श्रमिक पूरी ईमानदारी से अपना काम करता है, तो वह केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का पेट पालता है और अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।

उन्होंने सभी श्रमिकों से एकजुट रहने, अपने कौशल को और निखारने तथा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने यूनियन की तरफ से यह आश्वासन भी दिया कि कामगारों के हितों, उनकी सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए यूनियन हमेशा उनके साथ एक ढाल बनकर खड़ी रहेगी।
*उत्साह और सकारात्मकता के साथ हुआ समापन:*
अमन सुयाल के इस भावपूर्ण और उत्साहवर्धक संबोधन ने सेंचुरी मिल के श्रमिकों में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। पूरे परिसर में ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’ और ‘श्रम की जय हो’ के नारों की गूंज सुनाई दी। मजदूर दिवस का यह कार्यक्रम न केवल श्रम के सम्मान का एक सुंदर प्रतीक बना, बल्कि प्रबंधन, यूनियन और श्रमिकों के बीच आपसी सौहार्द और भविष्य की नई उम्मीदों का एक सशक्त संदेश भी दे गया। इस अवसर पर यूनियन के तमाम पदाधिकारियों ने भी अपनी अपनी बात रक्खी
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
