ईश्वर के ‘नाम जाप’ से बढ़कर संसार में कोई साधना नहीं: गौ भक्त श्री रामेश्वरदास महाराज

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ईश्वर के ‘नाम जाप’ से बढ़कर संसार में कोई साधना नहीं: गौ भक्त श्री रामेश्वरदास महाराज
हल्दूचौड़
स्थानीय श्री गौर राधा कृष्ण मन्दिर, हल्दूचौड़ के व्यवस्थापक एवं महान् गौ भक्त श्री रामेश्वरदास महाराज ने अध्यात्म और भक्ति के मार्ग में ‘नाम महिमा’ का अत्यंत सुंदर एवं मार्मिक शब्दों में बखान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए स्पष्ट किया कि कलियुग में प्रभु के नाम जाप से बढ़कर अन्य कोई भी तप, साधना या पुण्य कर्म नहीं है।
महाराज श्री ने धर्मसभा में ज्ञान की गंगा बहाते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य की एक किरण संपूर्ण अंधकार को मिटा देती है, उसी प्रकार ईश्वर का पावन नाम मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों और संतापों को भस्म करने की असीम शक्ति रखता है। उन्होंने बताया कि आज के इस भागदौड़ भरे भौतिकवादी युग में मनुष्य मानसिक शांति के लिए दर-दर भटकता है, जबकि वास्तविक और चिरस्थायी शांति केवल परमात्मा के नाम स्मरण में ही निहित है। गौ सेवा और भगवद् भक्ति को मानव जीवन का मूल आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निरंतर हरि नाम का सुमिरन करता है, वह संसार रूपी भवसागर की सभी बाधाओं को सहज ही पार कर लेता है।
श्री रामेश्वरदास महाराज ने इस बात पर विशेष बल दिया कि नाम जाप के लिए किसी विशेष समय, कठोर नियम या दिखावे की आवश्यकता नहीं होती। इसे चलते-फिरते, उठते-बैठते और अपने दैनिक कार्यों का निर्वहन करते हुए भी किया जा सकता है। सच्चे हृदय और पूर्ण श्रद्धा के साथ लिया गया प्रभु का एक नाम भी कोटि-कोटि यज्ञों के समान फलदायी होता है।
उनके इन ओजस्वी और भक्तिपूर्ण वचनों ने वहां उपस्थित सभी धर्मानुरागियों के हृदय में गहरी छाप छोड़ी और उन्हें भक्ति मार्ग पर अग्रसर होने की नई प्रेरणा दी। महाराज जी के इस सारगर्भित उद्बोधन के पश्चात समूचा मंदिर परिसर हरि नाम संकीर्तन और जयकारों से गूंज उठा।

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