हल्द्वानी: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा एम. बी. इंटर कॉलेज ग्राउंड, कैनाल रोड में आयोजित सात-दिवसीय भगवान शिव कथा के चतुर्थ दिवस माता पार्वती का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए नारी सशक्तिकरण का मार्मिक संदेश दिया।
कथा का वाचन करते हुए डॉ. सर्वेश्वर जी ने प्रसंग सुनाया कि किस प्रकार महाराज हिमवान और महारानी मैना ने आदिशक्ति जगदंबिका को पुत्री रूप में पाने के लिए 27 वर्षों तक कठोर तपस्या की, जिसके फलस्वरूप माँ भवानी का पार्वती रूप में अवतरण हुआ। स्वामी जी ने कहा कि यह भारतीय संस्कृति का गौरवशाली पक्ष है जहाँ पुत्री के लिए तप किए जाते थे, लेकिन वर्तमान परिदृश्य चिंताजनक है।
वर्तमान सामाजिक दशा पर चिंता
स्वामी जी ने आज के समाज पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज बेटी के जन्म पर माता-पिता के माथे पर चिंता की लकीरें आ जाती हैं। दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ और ‘कोलकाता रेप कांड’ जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाज नारी को केवल भोग की वस्तु समझने की भूल कर रहा है।
नारी गरिमा और आत्मदर्शन
उन्होंने उपस्थित जनसमूह और विशेषकर नारियों का आह्वान करते हुए कहा, “नारी को अबला नहीं, सबला बनना होगा। बाहरी सौंदर्य-प्रदर्शन मात्र छलावा है, जबकि नारी का वास्तविक सौंदर्य उसकी आत्मा में निहित है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘प्रदर्शन’ से नहीं, बल्कि ‘आत्मदर्शन’ से ही नारी का सच्चा सशक्तिकरण संभव है। ब्रह्मज्ञान द्वारा जब नारी अपनी सुप्त शक्ति को जाग्रत करेगी, तो संपूर्ण विश्व उसकी तेजस्विता के आगे नतमस्तक होगा। संस्थान के ‘संतुलन’ प्रकल्प के माध्यम से समाज में नारी को पुनः गरिमामयी पद पर आसीन करने का प्रयास निरंतर जारी है।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस पावन अवसर पर नीरज शारदा (CA), शशि भूषण अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, जितेंद्र साहनी, राहुल सभरवाल, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, आनंद दरामबल, राजेश अग्रवाल, देवीलाल चौधरी, राहुल गुप्ता, ओमप्रकाश, पीयूष सिन्हा, राजेंद्र तुलस्यान और सौरभ तायल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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