​बिन्दुखत्ता: उत्तरायणी मेले में घुली ‘जलेबी’ की मिठास, सर्द मौसम में सजी चर्चाओं की महफिल

ख़बर शेयर करें


​बिन्दुखत्ता:
कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत को संजोए ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले की रौनक बिन्दुखत्ता में देखते ही बन रही है। कड़ाके की ठंड और गुनगुनी धूप के बीच मेले में आए लोगों के लिए गरमा-गरम जलेबी और चाय का आकर्षण केंद्र बना हुआ है।
​मेले का असली आनंद दोस्तों और परिचितों के साथ मिलने-जुलने में है। इसी क्रम में मेले के दौरान एक खास नजारा देखने को मिला, जहां स्थानीय प्रबुद्ध जन और सामाजिक कार्यकर्ता जलेबी का स्वाद लेते हुए नजर आए। हाथ में जलेबी की प्लेट और चेहरे पर मुस्कान के साथ, मेले के माहौल में सामाजिक और समसामयिक विषयों पर ‘चाय-जलेबी पर चर्चा’ का दौर भी चला।
​तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि कैसे पारंपरिक टोपी और कोट-पैंट पहने लोग मेले की व्यवस्थाओं और आपसी मेल-जोल का आनंद ले रहे हैं। बैकग्राउंड में लगा झूला और सजी हुई दुकानें मेले की भव्यता को बयां कर रही हैं। यह मेला न केवल संस्कृति के संरक्षण का माध्यम है, बल्कि यह बिन्दुखत्ता के लोगों को एक सूत्र में पिरोने और सुख-दुख साझा करने का भी एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है।
​मेले में जलेबी की मिठास ने आपसी रिश्तों की मिठास को और बढ़ा दिया है।