हल्दूचौड़: चिरंजीवी रितेश रूबल के यज्ञोपवीत संस्कार में वैदिक परंपरा और आशीर्वादों की धूम

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हल्दूचौड़। हल्दूचौड़ व्यापार मंडल के निवर्तमान अध्यक्ष, खोलिया टेंट हाउस कैट्स के स्वामी चंदू खोलिया और कविता खोलिया के सुपुत्र चिरंजीवी रितेश रूबल का उपनयन संस्कार वैदिक रीति रिवाज के अनुसार धूमधाम और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस मंगल अवसर पर परिवार, मित्र और समाज के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने समारोह को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया।

इस शुभ अवसर पर आचार्य पंडित मोहन चंद्र गुरुरानी ने यज्ञोपवीत संस्कार का विधिपूर्वक आयोजन किया। उन्होंने संस्कार के प्रत्येक चरण को विस्तार से समझाया और बताया कि यह संस्कार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि जीवन में ज्ञान, धर्म और सदाचार का मार्गदर्शन करने वाला पवित्र संस्कार है। उन्होंने उपस्थित सभी जनों को समझाया कि यज्ञोपवीत संस्कार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में दैवीय ऊर्जा का संचार करता है और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझता है।

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इस अवसर पर समाज एवं राजनीति के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिश्चंद दुर्गापाल, राज्य मंत्री शंकर कोरंगा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी, व्यापार मंडल लालकुआँ के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेन्द्र बोरा ने यज्ञोपवीत संस्कार के महत्व और नवयुवक के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं एवं प्रेरक संदेश प्रस्तुत किए।

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इस अवसर पर समस्त खोलिया परिवार के बड़े बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया और जीवन की मंगलकामनाओं से नवयुवक को आच्छादित किया। साथ ही प्रसिद्ध समाजसेवी शुभम अण्डोला एवं उनके परिवारीजनों ने भी हृदयपूर्ण आशीर्वचन देकर समारोह की भव्यता में चार चाँद लगाए।

वहीं, गौधाम के व्यवस्थापक श्री रामेश्वर दास महाराज जी एवं उनके शिष्यों ने भव्य हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया, जिसमें भक्तिमय वातावरण ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने नवयुवक रितेश के दीर्घायु, यशस्वी और मंगलमयी जीवन की कामना करते हुए आशीर्वचन दिए।
समारोह में उपस्थित सभी ने वैदिक रीति रिवाज, पारिवारिक सौहार्द और सामाजिक समर्पण का अद्भुत मिलन देखा। इस उपनयन संस्कार ने न केवल खोलिया परिवार बल्कि पूरे हल्दूचौड़ क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रति जागरूकता को भी मजबूत किया।