भदूनी गाँव में बाघ के हमले से ग्रामीण की मौत, सरकार और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

ख़बर शेयर करें

 

हल्द्वानी/भदूनी गाँव में बाघ के हमले से कमल सिंह (पुत्र इंदर सिंह) की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने सरकार और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने अपने बयान में कहा कि यह लगातार तीसरी घटना है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वन विभाग स्थिति पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रहा है और सरकार भी हालात संभालने में असफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से चेतावनी दिए जाने के बावजूद न तो बाघ को पकड़ने के ठोस प्रयास किए गए और न ही उसे मारने के आदेश जारी किए गए, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें 👉  अयोध्या से लालकुआँ पहुंची एक दिव्य अनुभूति, अवंतिका शक्तिपीठ में सदियों पुरानी धूनी के पुनरुद्धार के पीछे छिपा है कौन सा आध्यात्मिक रहस्य?

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल औपचारिकताओं तक सीमित हैं। नीरज तिवारी ने बताया कि वह स्वयं घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं और स्थानीय ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। उन्होंने सभी लोगों से राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। 

यह भी पढ़ें 👉  अयोध्या से लालकुआँ पहुंची एक दिव्य अनुभूति, अवंतिका शक्तिपीठ में सदियों पुरानी धूनी के पुनरुद्धार के पीछे छिपा है कौन सा आध्यात्मिक रहस्य?

इस दौरान उन्होंने सरकार से तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें तत्काल प्रभाव से आदमखोर बाघ को मारने के आदेश जारी करने, क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा और सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग शामिल है।

यह भी पढ़ें 👉  अयोध्या से लालकुआँ पहुंची एक दिव्य अनुभूति, अवंतिका शक्तिपीठ में सदियों पुरानी धूनी के पुनरुद्धार के पीछे छिपा है कौन सा आध्यात्मिक रहस्य?

नीरज तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो उत्पन्न जनआक्रोश के लिए सरकार और वन विभाग पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad