जब दर्द के समंदर में डूब रही थीं उम्मीदें, तब कुदरत ने चुपके से भेजा एक फरिश्ता… जानिए कैसे आंसुओं के बीच मुस्कुरा उठी इंसानियत

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तूफान में जो चिराग जलाने का हुनर रखते हैं
दर्द-ए-दिल देखकर वही आंखें नम करते हैं
गौलापार क्षेत्र में घटी उस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके की रूह को झकझोर कर रख दिया था। हादसे के उस काले दिन ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में छीन लीं और उनके जीवन में दुखों का ऐसा पहाड़ तोड़ा जिसकी भरपाई किसी भी कीमत पर संभव नहीं है। अपनों को खोने का असह्य दर्द और फिर आर्थिक संकट का गहराता अंधेरा… ऐसे कठिन समय में समाज सेवी शुभम अंडोला जी का दिल रो पड़ा। उन्होंने महसूस किया कि महज सांत्वना देने से किसी के आंसू नहीं सूखते, असली हमदर्दी वही है जो दुख की घड़ी में संबल बनकर खड़ी हो।

इसी विशुद्ध मानवीय भावना के साथ शुभम अंडोला और उनके परिवार ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें 3,00,000 तीन लाख रुपये का चेक सौंपा। इस संवेदनशील कदम में शुभम अंडोला जी के परिवार की ओर से 2,00,000 रुपये, उनके आत्मीय मित्र एडवोकेट प्रकाश सनवाल जी की ओर से 50,000 रुपये और उनके छोटे भाई समान मित्र सुरेश ज्वैलर्स हल्द्वानी के स्वामी अंकित अग्रवाल जी द्वारा 50,000 रुपये का अमूल्य योगदान दिया गया।
अकेले ही चले थे जानिब-ए-मंजिल मगर
लोग मिलते गए और कारवां बनता गया
जब नीयत साफ हो और इरादे नेक हों, तो अच्छाई की महक हवाओं के साथ फैलने लगती है। तीन लाख रुपये की प्राथमिक राहत के बाद इंसानियत का यह सफर थमा नहीं, बल्कि एक बहती नदी की तरह विशाल रूप लेने लगा। शुभम अंडोला जी द्वारा फेसबुक पर साझा की गई एक छोटी सी गुहार ने दर्जनों संवेदनशील दिलों को छू लिया। देखते ही देखते देश-विदेश से उनके फेसबुक मित्रों और शुभचिंतकों ने मदद के हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए।
संवेदना और सहयोग का यह कारवां आगे बढ़ता गया और अब तक मित्रों द्वारा 1,52,700 रुपये की अतिरिक्त धनराशि जमा हो चुकी है। इस पुनीत कार्य में अपनी श्रद्धारूपी आहुति देने वाले सभी भामाशाहों के नाम इस प्रकार हैं:
नितिन केन जी : 25,000 रुपये
आशीष वैला जी : 25,000 रुपये
विपिन कुमार जी : 21,000 रुपये
योगिता बिष्ट जी : 20,000 रुपये
ललित फुलारा जी : 15,000 रुपये
हर्ष केन जी : 10,000 रुपये
नीता जयराज जी : 10,000 रुपये
करण सग्गू जी : 5,100 रुपये
सहजदीप भाई जी : 5,000 रुपये
सुनील सैनी जी : 2,500 रुपये
शीशपाल खनायत जी : 2,500 रुपये
नारायण सिंह अधिकारी जी : 2,500 रुपये
हिमांशु फुलारा जी : 2,100 रुपये
सुमित सैनी जी : 2,000 रुपये
गरिमा परगायी जी : 2,000 रुपये
रमेश कुनयाल जी : 2,000 रुपये
श्वेता सिंह जी : 1,000 रुपये
हम तो सिर्फ एक जरिया हैं उसकी रज़ा के
चलाने वाला वही है, जो छुपा है परदों के पीछे
सच ही कहा गया है कि जब आप किसी असहाय की मदद सच्चे दिल से करते हैं, तो ईश्वर स्वयं उस राह को आसान बना देता है। इंसान तो सिर्फ एक माध्यम या मार्फत मात्र है, करने कराने वाली तो वही परम सत्ता है। सभी मित्रों के सामूहिक प्रयास से कुल 1,52,700 रुपये का सहयोग प्राप्त हो चुका है और यह अनवरत जारी है।
शुभम अंडोला जी ने अपने सभी सहयोगियों, मित्रों और शुभचिंतकों का दिल की अतल गहराइयों से कोटि-कोटि आभार और धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने भावुक होकर प्रार्थना की कि दयालु भगवान भोले बाबा की असीम कृपा दृष्टि आप सभी पर और आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे। इस प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि जब तक समाज में ऐसे संवेदनशील दिल धड़कते रहेंगे, तब तक इंसानियत कभी हार नहीं सकती।