हल्दूचौड़ (संवाददाता: रिम्पी बिष्ट)
भक्ति, श्रद्धा और अलौकिक आनंद का एक ऐसा भव्य संगम, जिसने पूरे क्षेत्र को एक सूत्र में पिरो दिया! शिवपुरी कॉलोनी स्थित पावन नागेश्वर महादेव मन्दिर में 7 दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का ऐसा शंखनाद हुआ कि संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस महा-अनुष्ठान का शुभारम्भ एक ऐसी अलौकिक और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात देवलोक धरती पर उतर आया हो। सैकड़ों की संख्या में पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को अध्यात्म के रंग में सरोबार कर दिया।
इस पावन कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार श्रीमती सुमनलता दीक्षित और श्री सुबोध दीक्षित रहे। उनके गरिमामयी सानिध्य में जब यह भव्य कलश यात्रा मन्दिर परिसर से प्रारंभ हुई, तो ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और गगनभेदी भजनों के कीर्तनों से दसों दिशाएं गूंज उठीं। यह दिव्य यात्रा क्षेत्र के प्रसिद्ध हर्षविहार मंदिर और विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई जब पुनः नागेश्वर महादेव मन्दिर पहुंची, तब तक श्रद्धालुओं का उत्साह और श्रद्धा चरम पर पहुंच चुकी थी।
कलश यात्रा के सकुशल संपन्न होने के बाद, दोपहर की पावन वेला में नैमिषारण्य तीर्थ की पवित्र धरा से पधारे प्रख्यात कथावाचक पं. प्रभात कुमार त्रिपाठी महाराज ने व्यासपीठ से अपनी अमृतमयी और प्रेरणादायी वाणी से श्रीमद भागवत कथा का श्रीगणेश किया। महाराज श्री ने कथा के गूढ़ रहस्य को उजागर करते हुए एक ऐसी मर्मस्पर्शी बात कही जो सीधे भक्तों के दिलों में उतर गई। उन्होंने अपने प्रवचन में विशेष रूप से बल देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल कानों से सुनने की वस्तु नहीं है, बल्कि इसे अपने आचरण और जीवन में उतारने से ही मनुष्य का वास्तविक कल्याण संभव है।
महाराज श्री ने आगे कहा, “भागवत कथा हमें लोभ, मोह और अहंकार के घने अंधकार से मुक्त कर सीधे ईश्वर के दिव्य प्रकाश और प्रेम से जोड़ती है। यदि आज के इस अशांत समय में हमें अपने परिवार और समाज में वास्तविक शांति, समरसता और उत्तम संस्कार चाहिए, तो हमें नियमित रूप से धर्म की शरण में आना ही होगा।”
कथा के पहले ही दिन अध्यात्म का आकर्षण ऐसा था कि विशाल कथा पांडाल भक्तों की भारी भीड़ से पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया। उपस्थित जनसैलाब ने घंटों तक बिना पलक झपकाए, पूरी तल्लीनता के साथ कथा रूपी अमृत का रसपान किया।
आपको बता दें कि आस्था का यह महापर्व 15 जुलाई से शुरू होकर 21 जुलाई 2026 तक निरंतर श्रद्धापूर्वक चलेगा, जिसका समय प्रतिदिन दोपहर बाद सायं 3:00 बजे से 6:00 बजे तक नियत किया गया है। वहीं, इस ज्ञान यज्ञ के समापन के पावन अवसर पर यानी 21 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे से एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद की दिव्य व्यवस्था रहेगी।
आयोजक पंकज दीक्षित व पवन दीक्षित ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों, माताओं-बहनों और श्रद्धालुओं से इस अलौकिक कथा रसपान में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का भावपूर्ण आग्रह किया है।
इस ऐतिहासिक और मंगलमय अवसर पर क्षेत्र की कई नामचीन व गणमान्य विभूतियां साक्षी बनीं, जिनमें मुख्य रूप से:
* जिला पंचायत सदस्य दीपा कमलेश चंदौला
* वरिष्ठ कॉग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा
* समाज सेवी हेमवती नंदन दुर्गापाल
* ग्राम प्रधान मुकेश दुमका
* पूर्व प्रधान बीड़ी खोलिया
* पूर्व प्रधान हरेंद्र असगोला
इन सभी विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ नागेश्वर महादेव मंदिर कमेटी के समस्त सम्मानित सदस्यगण और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस धार्मिक उत्सव को बेहद भव्य और सफल बनाया।
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