स्व० पूरन सिंह रजवार की प्रेरणा से लालकुआँ अवंतिका मंदिर के महात्म्य पर पुस्तक का शीघ्र होगा प्रकाशन: खाती

ख़बर शेयर करें

 

स्व० पूरन सिंह रजवार की प्रेरणा से लालकुआँ अवंतिका मंदिर के महात्म्य पर पुस्तक का शीघ्र होगा प्रकाशन: खाती
​लालकुआँ: आस्था और आध्यात्म के प्रमुख केंद्र, लालकुआँ स्थित प्रसिद्ध अवंतिका मंदिर के गौरवशाली इतिहास और महात्म्य को अब श्रद्धालु एक विस्तृत पुस्तक के माध्यम से करीब से जान सकेंगे। माँ अवंतिका की महिमा पर आधारित एक विशेष पुस्तक का लेखन कार्य पूर्ण हो चुका है और जल्द ही इस पुस्तक का भव्य रूप से प्रकाशन किया जाएगा।
​पुस्तक के मुख्य आकर्षण
​इस आध्यात्मिक पुस्तक में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक जानकारियों का समावेश किया गया है, जो पाठकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी:
​माँ के विविध स्वरूपों का वर्णन: पुस्तक में माँ अवंतिका के विभिन्न चमत्कारी, रहस्यमयी और दिव्य स्वरूपों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
​उज्जैन (अवंतिका) नगरी का विशेष उल्लेख: लालकुआँ के मंदिर के महात्म्य के साथ-साथ, पवित्र उज्जैन नगरी के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को भी इस पुस्तक में विशेष स्थान दिया गया है, जिससे दोनों स्थानों के गूढ़ आध्यात्मिक संबंध को समझा जा सके।
​प्रेरणा और मार्गदर्शन
​इस पुनीत कार्य की नींव मंदिर के पूर्व अध्यक्ष स्व० पूरन सिंह रजवार जी की दूरदर्शी सोच और प्रेरणा से रखी गई थी। उनके ही सपनों को साकार करते हुए इस पुस्तक को अंतिम रूप दिया गया है।
​मंदिर कमेटी के वर्तमान अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि,
​”यह पुस्तक आध्यात्मिक जगत में एक अमूल्य धरोहर के रूप में हमेशा स्मरणीय रहेगी। शीघ्र ही पूरे विधि-विधान के साथ पुस्तक का पूजन कर इसका प्रकाशन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक ग्रंथ निश्चित रूप से मंदिर के चहुंमुखी विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।”
​संतों और गणमान्य हस्तियों का मिला आशीर्वाद
​इस भव्य पुस्तक के प्रकाशन को लेकर केवल श्रद्धालुओं में ही नहीं, बल्कि समाज के हर प्रतिष्ठित वर्ग में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पुस्तक के निर्विघ्न प्रकाशन और सफलता के लिए कई प्रमुख हस्तियों ने अपने शुभकामना संदेश और आशीर्वाद प्रेषित किए हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
​क्षेत्र के जाने-माने राजनीतिज्ञ
​औद्योगिक जगत की प्रमुख हस्तियां
​देश के प्रसिद्ध साधु-संत और महात्मा
​जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर इस पुस्तक को आम जनमानस और श्रद्धालुओं के लिए प्रकाशित किया जाएगा, जिससे धर्मप्रेमी जनता माँ अवंतिका की असीम कृपा और इस सिद्ध पीठ के गौरवशाली इतिहास से भली-भांति परिचित हो सकेगी।