सन्यासी की मर्यादा और कुशल प्रशासक के गुणों को एक साथ साधने वाले तेजस्वी और तपस्वी नेता योगी आदित्यनाथ

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सन्यासी की मर्यादा और कुशल प्रशासक के गुणों को एक साथ साधने वाले तेजस्वी और तपस्वी नेता योगी आदित्यनाथ
(मनोज कुमार अग्रवाल-विभूति फीचर्स)
कल्पना कीजिए नौ साल पहले के उत्तर प्रदेश की जहां माफिया थाने में पहुंच कर पुलिस वालों को बंधक बनाने का दुस्साहस कर रहे थे। एक ओर भ्रष्टाचार,अपहरण,हत्या, फिरौती,सरकारी ठेकों पर बपौती का धंधा चरम पर था, वहीं एक नेता आइएएस से जूते साफ कराने की मंशा खुलेआम माइक पर बोल रहे थे। हर तरफ अराजकता,सेकुलरिज्म के नाम पर एक खास समुदाय के लोगों को खुश करने के लिए खुला संरक्षण, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, दिमागी बुखार से हर साल मरते सैकड़ों बच्चे दूसरी ओर सरकारी धन पर जंगल सफारी और सैफई महोत्सव में मुंबईया हीरोइनों के नृत्य, घटता निवेश और डूबते उद्योग, माफियाओं की धमकियों से असुरक्षित उद्यमी। 2017 में उत्तर प्रदेश के भाग्य में बदलाव आया और योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। यहां से उत्तर प्रदेश में बदलाव और विकास का नया वातावरण तैयार हुआ है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में योगी आदित्यनाथ एक ऐसे तेजस्वी और तपस्वी नेता हैं, जिन्होंने साधु-सन्यासी की मर्यादा और कुशल प्रशासक के गुणों को एक साथ साधा है। जिनका जीवन सनातन मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और लोकसेवा के लिए पूर्णतः समर्पित है। भगवा जिनके लिए गौरव ही नहीं बल्कि अस्तित्व है।
एक ओर वे गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर हैं, जहां वे धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का पालन करते हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वे कानून, व्यवस्था और विकास का आधुनिक आदर्श प्रस्तुत करते हैं। शासन में उनकी छवि एक कठोर लेकिन न्यायप्रिय प्रशासक की है, जो जनहित को सर्वोपरि रखता है। गरीब-दलित-पिछड़ों की आवाज, हर फरियादी के लिए दिन-रात उपलब्ध योगी जी असल में एक जननायक हैं।उनके संपत्ति में मात्र चार जोड़ी गेरूआ सूती कपड़े है। पैर में भी सिर्फ साधारण कपड़े के जूते पहनते हैं
योगी आदित्यनाथ का दिन 4 बजे ब्रह्ममुहूर्त में उठकर साधना और प्रार्थना से शुरू होता है। उनका मानना है कि आत्मानुशासन ही सच्चे नेतृत्व की पहली सीढ़ी है। उनका जीवन संयमित, सादा और पूर्णतः सात्विक है न कोई दिखावा, न कोई विलासिता। गोरखनाथ मंदिर में गौसेवा हो या मंदिर परिसर की सादगी, हर पहलू उनके सेवा और साधना भाव का परिचायक है।
भारत की राजनीति में एक कर्मठ योगी, हार्ड लीडरशिप, यूनिवर्सल ट्रांसपोर्टर, अपारजन समर्थन प्राप्तकर्ता हैं योगी आदित्य नाथ। जनता ने सीधे-सीधे उन्हें लोकप्रिय नेता बना दिया। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को कानून, व्यवस्था, बुनियादी ढांचे की प्रगति, रैपिड डिवेलपमेंट मॉडल में अग्रणी प्रदेश बनाया गया। इससे उत्तर प्रदेश का भविष्य ही बदल गया।
योगी आदित्यनाथ का मूल नाम अजय सिंह विष्ट है। उनका जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के एक सामान्य से परिवार में 05 जून 1972 को हुआ था। आदित्यनाथ बचपन से ही पढ़ाई में प्रखर और समाज के लिए कार्य करने के लिए आगे रहते थे । हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय ने उन्हें छात्र राजनीति एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें तर्कशीलता, निर्णय लेने की क्षमता और विश्लेषण क्षमता प्रदान की। शिक्षा प्राप्ति के बाद उनकी अध्यात्म की ओर रुचि हुई। उन्हे महंत अवैद्यनाथ का सानिध्य प्राप्त हुआ । यहीं से उनके सन्यासी जीवन की शुरुआत हुई। बाद में 1994 में गोरखनाथ मठ के महंत के रुप में धार्मिक कार्यकर्ताओं का नेतृत्व, सामाजिक सेवा और जनसम्पर्क उनके जीवन का हिस्सा बन गये।
योगी आदित्यनाथ 26 वर्ष की आयु में गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद बने। उनके स्पष्ट विचार एवं सशक्त जनाधार एवं सीधे संवाद ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। गोरखपुर से पांचवी बार सांसद बने और राजनीति का प्रमुख चेहरा बने।
सन 2017 में भारतीय जनता पार्टी से वे उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री बने। उनके शासन में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण किया गया। माफियाओं के अवैध कब्जे समाप्त हुए। प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेल खंड एक्सप्रेस-वे, गंगाएक्सप्रेस-वे,हिंडन जेवर हवाई अड्डे और मेट्रो परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया गया। इन परियोजनाओं के कारण प्रदेश का विकास गतिवान हो रहा है। रोजगार में उत्तरोत्तर प्रगति हो रही है। प्रदेश में वैश्विक निवेशक सम्मेलन से प्रदेश में भारी निवेश बढ़ा। शहरी विकास के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या, मथुरा और बनारस का पुन निर्माण, अयोध्या दीप उत्सव की विश्व में पहचान, खेती और किसानों को पर्याप्त संरक्षण, सिंचाई,फसल बीमा, बिजली व्यवस्था में सुधार,कुशल नेतृत्व, अद्भुत निर्णय क्षमता, ज़ीरो टालरेंस नीति,अनुशासित, कठोर शासक, आध्यात्मिक होने के साथ-साथ व्यावहारिक मानसिकता और कार्यशैली देश विदेश में लोकप्रिय हो रही है। वह अंगारे जैसे गर्म भी है तो मोम जैसे संवेदनशील हृदय भी। वह जातिवाद,अगड़ा- पिछड़ा, गरीब-अमीर, वर्ग भेदभाव से दूर सभी के प्रति समान सद्भाव रखते हैं। वहीं किसी भी समुदाय के तुष्टिकरण के सख्त खिलाफ है। गौमाता और भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक मानदंडों के प्रति उनका अगाध प्रेम है। वह उत्तर प्रदेश या भारत ही नहीं दुनिया के लिए आदर्श शासन व्यवस्था का माडल बन गए हैं।
आज यूपी मॉडल भारत की राजनीति में नामांकित रहता है। अन्य राज्यों की जनता भी यूपी मॉडल की मांग करती है। आज योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी बतौर माना जा रहा है। ऐसे वीतराग सन्यासी के हाथों में यूपी जैसे राज्य ने अपराध और माफिया के खिलाफ एक बड़ी जंग जीत कर कानून व्यवस्था का राज कायम किया है। ऐसे विरल व्यक्तित्व निसंदेह भारत के स्वर्णिम भविष्य के रचियता बनेंगे इसमे कोई संदेह नहीं है। *(विभूति फीचर्स)*