लालकुआँ। आस्था और श्रद्धा के केंद्र माँ अवंतिका मंदिर में आगामी महाशिवरात्रि पर्व को धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ मनाने हेतु व्यापक तैयारियाँ प्रारंभ हो गई हैं। मंदिर परिसर की विशेष साफ-सफाई, आकर्षक सजावट, विद्युत प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल एवं सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्व को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप देने पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी, वरिष्ठ समाजसेवी रविशंकर तिवारी, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार शर्मा, युवा समाजसेवी दीपू नयाल, नन्दन गोस्वामी, वरुण पाठक, आचार्य चन्द्र शेखर जोशी, अतुल पाठक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर महाशिवरात्रि पर्व को श्रद्धा, सेवा और अनुशासन के साथ मनाने का संकल्प लिया।
जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों के वक्तव्य
नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह लोटनी ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सनातन आस्था का महोत्सव है। नगर पंचायत की ओर से स्वच्छता, प्रकाश एवं सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
वरिष्ठ समाजसेवी रविशंकर तिवारी ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर सदैव से क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। महाशिवरात्रि पर यहाँ उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस आस्था की जीवंत मिसाल है। उन्होंने युवाओं से सेवा भाव के साथ आयोजन में सहयोग देने का आह्वान किया।
सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती ने कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही इस प्रकार के धार्मिक आयोजन सफल होते हैं और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है।
वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार शर्मा ने कहा कि यह पर्व हमें संयम, साधना और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सभी समाजसेवी मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तत्पर रहेंगे।
युवा समाजसेवी दीपू नयाल ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से आयोजन और अधिक सशक्त एवं सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के अवसर पर सेवा ही सबसे बड़ी साधना है।
नन्दन गोस्वामी ने कहा कि माँ अवंतिका मंदिर में हर वर्ष महाशिवरात्रि पर अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होता है। इस वर्ष भी भक्तों की भारी उपस्थिति की संभावना है, जिसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।
आचार्य चन्द्र शेखर जोशी ने अपने आध्यात्मिक संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि आत्मचिंतन, उपवास, जप और शिव भक्ति का परम पावन अवसर है। भगवान शिव त्याग, करुणा और संतुलन के प्रतीक हैं। इस रात्रि में श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया पूजन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से संयमित, सात्विक और अनुशासित भाव से पर्व मनाने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित जनों ने महाशिवरात्रि पर्व को भक्ति, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने का संकल्प लिया।
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