पिथौरागढ़। हिन्दू धर्म में होली न केवल रंगों और उल्लास का पर्व है, बल्कि यह आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर भी है। इस दिन लोग अपने कुलदेवी-कुलदेवता, आराध्य देवताओं और घर के भगवानों की पूजा कर सुख, समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन श्री राधा-कृष्ण, हनुमानजी, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम और मां दुर्गा की पूजा अत्यंत फलदाई मानी जाती है।
श्री राधा-कृष्ण: जीवन में प्रेम और स्नेह बढ़ाने के लिए राधा जी को खिले गुलाल और कृष्ण जी को मटमैला गुलाल अर्पित करना चाहिए।
हनुमानजी: दुखहर्ता हनुमानजी को चोला चढ़ाकर, मीठा पान और गुड़ की रोटियां अर्पित करें, साथ ही सिंदूरी लाल रंग का गुलाल लगाएं।
भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी: विष्णु को बताशे का भोग, माता लक्ष्मी को पीले या सफेद मिठान अर्पित करने से घर में खुशहाली और धन-धान्य की वृद्धि होती है।
भगवान शिव-पार्वती: बनारस में भस्म की होली के अवसर पर शिव-पार्वती की पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है और सभी कष्ट दूर होते हैं। भस्म, भांग की पत्तियां और नीला रंग अर्पित किया जा सकता है।
भगवान राम: होली की अग्नि में भूनी गेहूं-जौ की बालियों के साथ राम जी को भोग लगाने से भंडार सदैव भरे रहते हैं।
मां दुर्गा: लाल चुनरी या लाल साड़ी चढ़ाने से सारे कष्ट दूर होते हैं और जीवन में शक्ति का आगमन होता है।
धार्मिक विद्वानों का कहना है कि इस दिन केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना आवश्यक है। इस पर्व के अवसर पर परिवार और समाज में प्रेम, भाईचारा और सौहार्द का संदेश देना सर्वोपरि है।
होली पर इन देवी-देवताओं की पूजा कर श्रद्धालु न केवल अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं, बल्कि जीवन में स्थायी सुख और समृद्धि भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
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