अलौकिक संयोग या ग्रहों का बड़ा खेल? इस धनतेरस पर बन रहा दुर्लभ ‘धन वर्षा योग’, जानें किस राशि के लिए खुलेगा कुबेर का खजाना

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अमृत व हस्त नक्षत्र के अद्भुत मिलन से बदलेगी किस्मत; प्रदोष व्रत और यम दीपदान से टलेगा अकाल मृत्यु का संकट, पढ़ें खरीदारी के अचूक मुहूर्त का पूरा ब्योरा।

शैल शक्ति ब्यूरो

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानी 6 नवम्बर 2026, शुक्रवार को देशभर में आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि की जयन्ती और धनतेरस का महापर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस बार की धनतेरस साधारण नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत फलदायी मानी जा रही है। आकाशीय मंडल में अमृत व हस्त नक्षत्र के साथ विष्कुम्भ, तैतिल व वणिज करण का ऐसा दुर्लभ संयोग घटित हो रहा है, जो सीधे तौर पर ‘धन वर्षा योग’ का निर्माण कर रहा है। यह महासंयोग देश भर में धन-धान्य, वैभव और सुख-समृद्धि की नई राहें खोलने वाला माना जा रहा है। इसी दिन पवित्र प्रदोष व्रत का भी संगम रहेगा।

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सायं काल में दक्षिण दिशा का रहस्य: क्यों अनिवार्य है यम दीपदान?

धनतेरस पर केवल स्वर्ण-रजत की चमक ही नहीं, बल्कि मृत्यु के देवता यमराज की आराधना का भी गूढ़ विधान शास्त्रों में वर्णित है।

प्रदोष काल के समय घर की दक्षिण दिशा में यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन बेला में विधि-विधान से किया गया दीपदान और यमराज का अर्चन अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है। इसके प्रभाव से जातक के जीवन से असाध्य रोग, संताप और हर प्रकार के शोक का निवारण स्वतः हो जाता है।

खरीदारी के अचूक और विशेष मुहूर्त

धनतेरस पर खरीदारी के लिए दिनभर कई शुभ चौघड़िए और नक्षत्र उपलब्ध रहेंगे:

  • महा-खरीदारी मुहूर्त: प्रातः 07:55 बजे से लेकर सूर्यास्त पर्यन्त।
  • प्रातःकालीन विशेष मुहूर्त: प्रातः 07:55 बजे से पूर्वाह्न 10:30 बजे तक।
  • अभिजीत मुहूर्त (सर्वकार्य सिद्धि): पूर्वाह्न 11:40 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
  • राहुकाल से सावधानी: पूर्वाह्न 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस समयावधि में लोहा अथवा काष्ठ (लकड़ी) के उपकरण खरीदना मध्यम श्रेणी का माना गया है।
  • अपराह्न व संध्या मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 08:30 बजे तक खरीदारी के लिए निरंतर शुभ समय रहेगा।
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12 राशियों का रहस्य: किसके लिए क्या खरीदना रहेगा फलदायी?

ज्योतिष गणना के अनुसार अपनी राशि के अनुकूल वस्तुएं घर लाने से ‘धन वर्षा योग’ का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है:

  • मेष राशि: स्वर्ण आभूषण अथवा देव प्रतिमाओं की खरीदारी आर्थिक उन्नति के द्वार खोलेगी।
  • वृष राशि: चांदी के बर्तन, नया वाहन अथवा कृषि से जुड़े उपकरण लेना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
  • मिथुन राशि: गृह सज्जा की सामग्री, तांबे के पात्र और नवीन वस्त्र सुख-शांति में वृद्धि करेंगे।
  • कर्क राशि: स्वर्ण आभूषण, वाहन, चांदी की वस्तुएं और भूमि क्रय करना दीर्घकालिक समृद्धि देगा।
  • सिंह राशि: रसोईघर से संबंधित उपयोगी सामग्री, वस्त्र, रत्न और नवीन वाहन का क्रय श्रेष्ठ योग बनाएगा।
  • कन्या राशि: चांदी के पात्र, नया वाहन, कृषि उपकरण और वस्त्र खरीदना शुभता लाएगा।
  • तुला राशि: इलेक्ट्रॉनिक/बिजली के उपकरण, सजावटी सामग्री, तांबे के बर्तन और अन्न संग्रह विशेष लाभ देगा।
  • वृश्चिक राशि: सोना-चांदी के आभूषण, देव प्रतिमाएं और नया वाहन भाग्य में वृद्धि करेगा।
  • धनु राशि: स्वर्ण, पीतल की वस्तुएं, कृषि यंत्र और भूमि-भवन संबंधी निवेश का प्रबल योग बनेगा।
  • मकर राशि: सोना, चांदी, वाहन, कलात्मक सजावटी वस्तुएं और खाद्यान्न खरीदना बरकत लाएगा।
  • कुम्भ राशि: तांबे के बर्तन, काष्ठोपकरण खरीदना और नए व्यापार का शुभारंभ करना विशेष फलदायी रहेगा।
  • मीन राशि: स्वर्ण-रजत, वाहन, सजावटी सामान, तांबे-पीतल के पात्र और भूमि संबंधी उपकरण क्रय करना सर्वतोमुखी लाभ देगा।
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— पण्डित नवीन चन्द्र जोशी भागवताचार्य

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