गया। मोक्ष की नगरी और पितरों के तारणहार तीर्थ गया जी में धर्म, भक्ति और अध्यात्म की त्रिवेणी बह रही है। यहाँ सत्य साधक विजेंद्र पांडे गुरुजी की गरिमामयी मौजूदगी और पावन सानिध्य में भव्य श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र के वातावरण को भक्तिमय कर दिया है।
कथा में बरस रहा भगवान श्रीकृष्ण का रस
बिहार के गया जिले के दिवानिया ब्लॉक के ग्राम बीवीपेशरा में 8 मार्च से चल रही इस भागवत कथा में कथा व्यास बलराम शास्त्री जी के मुखारविंद से भक्तगण भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का रसपान कर रहे हैं। यज्ञ का विधिवत पूजन और संचालन यज्ञ आचार्य सुदेश जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। कथा में व्यास जी ने राधा-रासलीला, गोकुल व वृंदावन की घटनाओं का मार्मिक वर्णन कर भक्तों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने संदेश दिया कि सच्ची भगवद्भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के हर कार्य में सत्य, नैतिकता और सेवा भाव का पालन करना ही वास्तविक भक्ति है।
इस दौरान दूर-दराज से आए श्रद्धालु सत्य साधक गुरुजी से व्यक्तिगत आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और उनके मार्गदर्शन से जीवन की समस्याओं का समाधान पाकर सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा ले रहे हैं।
गया तीर्थ का आध्यात्मिक महत्व
गया केवल एक स्थान नहीं, बल्कि सनातन धर्म का वह परम सिद्ध तीर्थ है जहाँ स्वयं भगवान विष्णु साक्षात विराजमान हैं (विष्णुपद)। इसे मोक्ष की भूमि कहा जाता है। मान्यता है कि यहाँ किए गए धर्म-कर्म, तप और अनुष्ठान का फल अनंत गुना होकर प्राप्त होता है। इसी पावन भूमि पर इस तरह के ज्ञान महायज्ञ का आयोजन भक्तों के लिए किसी परम सौभाग्य से कम नहीं है।
गया तीर्थ में माँ बगलामुखी मंत्र जाप की महिमा
मोक्ष धाम गया की इस जागृत और सिद्ध ऊर्जा के बीच दस महाविद्याओं में से एक, माँ बगलामुखी (पीताम्बरा) के मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। माँ बगलामुखी स्तंभन की देवी हैं, जो शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और गति का नाश करती हैं। गया जी जैसे पवित्र तीर्थ में जब भक्त माँ बगलामुखी के बीज मंत्रों का अनुष्ठान या जाप करते हैं, तो तीर्थ की आध्यात्मिक शक्ति के प्रभाव से मंत्र शीघ्र सिद्ध होते हैं। यह विशेष प्रयोग जीवन से बड़ी से बड़ी बाधाओं, अकारण मुकदमों, गुप्त शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों का नाश कर साधक को अभय, विजय और सुख-समृद्धि प्रदान करता है।
16 मार्च को होगा विशाल भंडारा
सत्य साधक गुरुजी के मार्गदर्शन में उपस्थित भक्तजन कथा और अनुष्ठानों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान और सकारात्मक बदलाव प्राप्त कर रहे हैं। 8 मार्च से प्रारंभ हुए इस भव्य भागवत कथा और ज्ञानयज्ञ का पारण 16 मार्च को एक विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा। आयोजक और समस्त ग्रामवासी इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में दिन-रात प्रयासरत हैं।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
