भारत में होली केवल रंग खेलने का त्योहार नहीं, बल्कि विविध परंपराओं और लोक-रिवाजों का अनूठा संगम है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में होली अपने विशिष्ट अंदाज़ में मनाई जाती है। आइए जानते हैं कुछ अनोखे और रोचक रिवाज
1. बरसाना की लठमार होली
मथुरा के पास स्थित बरसाना में होली का रूप निराला है। यहां महिलाएं पुरुषों पर लाठियों से प्रहार करती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। यह परंपरा राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है। देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं।
2. नंदगांव की रंगभरी होली
बरसाना के बाद नंदगांव में होली खेली जाती है। यहां पुरुष और महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ गुलाल उड़ाते हैं। यह आयोजन कई दिनों तक चलता है और ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है।
3. आनंदपुर साहिब का होला मोहल्ला
पंजाब में होली के अगले दिन होला मोहल्ला मनाया जाता है। इसकी शुरुआत दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह ने की थी। यहां रंगों की बजाय वीरता प्रदर्शन, घुड़सवारी, युद्धकला और कीर्तन का आयोजन होता है।
4. शांतिनिकेतन का बसंत उत्सव
पश्चिम बंगाल में होली को ‘बसंत उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने की थी। यहां विद्यार्थी पीले वस्त्र पहनकर नृत्य-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होली मनाते हैं।
5. उदयपुर की शाही होली
राजस्थान के उदयपुर में शाही परिवार द्वारा पारंपरिक अंदाज में होलिका दहन किया जाता है। शाही जुलूस और लोकनृत्य इस उत्सव को विशेष बनाते हैं।
6. मणिपुर का याओशांग उत्सव
पूर्वोत्तर भारत में मणिपुर में होली को ‘याओशांग’ कहा जाता है। यहां पांच दिनों तक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होती हैं। यह उत्सव पारंपरिक और आधुनिक रंगों का सुंदर संगम है।
7. मथुरा की फूलों वाली होली
मथुरा के मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है, जिसमें गुलाल की बजाय पुष्पवर्षा होती है। श्रद्धालु इसे अत्यंत पावन और सौम्य रूप मानते हैं।
8 गंगोली की होली
.हम तो है खास गंगोली के.ऐसा माना जाता है ब्रज प्रदेश के बाद होली और कहीं होती है तो कुमाऊं में।यहां भी गंगोली की होली का जबाब नही माता महाकाली के आगन में गायी जाने वाली होली का रंग तो भक्ती के उत्साह से परिपूर्ण रहता ही है समूची गंगोली का नजारा भी होली के उत्सव में लाजबाब रहता है इसलिए यू ही नही कहते है हम तो है खास गंगोली के लेकिन पलायन ने अब पुरानी रंगत को फीका कर डाला है फिर भी उमंग में कोई कमी नही
होली भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण है। कहीं लाठियां चलती हैं, कहीं फूल बरसते हैं, तो कहीं वीरता के करतब दिखाए जाते हैं। इन अनोखे रिवाजों से यह स्पष्ट होता है कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और आनंद का विराट उत्सव है।
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