दृष्टि के शिल्पी, मानवीय संवेदनाओं के संवाहक: हल्द्वानी के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. आर. एन. मेहरोत्रा को भेंट की गई ‘आदिशक्ति माँ अवंतिका’

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हल्द्वानी। चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि ईश्वरीय सेवा का वह पावन माध्यम है जहाँ ज्ञान, अनुभव और करुणा एक साथ मिलकर किसी के जीवन में नव-प्रकाश भरते हैं। इस पावन ध्येय को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाकर पिछले कई दशकों से जन-जन की आँखों में उजालों की ज्योति प्रज्वलित करने वाले प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आर. एन. मेहरोत्रा (एम.बी.बी.एस., डी.ओ.एम.एस., एम.एस.- लखनऊ) आज चिकित्सा जगत में मानवीय मूल्यों के जीवंत आदर्श बने हुए हैं।

नवाबी रोड स्थित ‘मेहरोत्रा नर्सिंग होम’ में अपनी शानदार एवं समर्पित सेवाएँ दे रहे डॉ. आर. एन. मेहरोत्रा का दीर्घकालीन अनुभव न केवल हल्द्वानी, बल्कि समूचे कुमाऊं व तराई क्षेत्र के लिए वरदान साबित हुआ है। मोतियाबिंद, आई.ओ.एल. और कॉन्टैक्ट लेंस सर्जरी में अपनी अद्भुत दक्षता व अचूक शल्य-कला के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. मेहरोत्रा के हाथों में जहाँ हुनर की महारत है, वहीं उनके हृदय में संवेदनशीलता और निश्छल आत्मीयता का गहरा भाव समाया हुआ है। उनके पास आने वाला हर मरीज उनके सौम्य व्यवहार, धीर-गंभीर मुस्कान और अपनत्व भरे परामर्श से ही आधा स्वस्थ महसूस करने लगता है।

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चिकित्सा के क्षेत्र में मानवीय गरिमा, उच्च नैतिक मूल्यों और समर्पण की इस पावन यात्रा के सम्मान स्वरूप ‘ शैल शक्ति’ के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार एवं विचारक रमाकान्त पन्त द्वारा उन्हें पावन आध्यात्मिक कृति ‘आदिशक्ति माँ अवंतिका’ सप्रेम भेंट की गई।

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पुस्तक भेंट करते हुए रमाकान्त पन्त ने कहा कि डॉ. मेहरोत्रा जैसे कर्मयोगी समाज की वह अमूल्य धरोहर हैं, जो सेवा को ही ईश्वर की सच्ची आराधना मानते हैं। भौतिकता की इस भागदौड़ में उनका शांत, सरल और संवेदनशील व्यक्तित्व नई पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए एक प्रेरणादायी प्रकाशस्तंभ है। माँ भगवती के आशीर्वाद स्वरूप भेंट की गई यह पावन कृति उनके दीर्घायु, स्वस्थ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना का प्रतीक है।