पाण्डेगांव, कोटाबाग (नैनीताल), 11 मई 2026 । उत्तराखण्ड शासन के सचिव (संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन) दीपक गैराला ने सोमवार को जनपद नैनीताल के विकासखण्ड कोटाबाग स्थित संस्कृत ग्राम पाण्डेगांव का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पूरे ग्राम में उत्सव जैसा वातावरण रहा और ग्रामीणों, महिलाओं व बच्चों ने पारम्परिक एवं भव्य स्वागत कर अतिथि का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ बच्चों द्वारा संस्कृत भाषा में स्वागत गीत से हुआ। बालकों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ कर तथा विभिन्न संस्कृत स्तुतियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्राम की महिलाओं ने पारम्परिक वेशभूषा में अतिथियों का अभिनंदन किया। विशेष रूप से यह तथ्य प्रेरणादायी रहा कि पाण्डेगांव में बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण अपने दैनिक व्यवहार में संस्कृत भाषा का सहज प्रयोग करते हैं, जो इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक सशक्त पहल है।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक झलकियों ने भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के महत्व को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। अपने संबोधन में सचिव दीपक गैराला ने ग्रामवासियों के समर्पण और संस्कृत के प्रति उनके अनुराग की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत हमारी सांस्कृतिक विरासत, परम्परा और ज्ञान-विज्ञान की आधारभूत भाषा है। उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा होने के नाते इसका संरक्षण और प्रचार-प्रसार हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि संस्कृत को सुनकर, बोलकर और व्यवहार में अपनाकर सरलता से सीखा जा सकता है।
सचिव ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु “गार्गी छात्रवृत्ति योजना” संचालित की जा रही है। साथ ही हरिद्वार में संस्कृत की छात्राओं के लिए 150 शैयाओं वाला बालिका छात्रावास भी प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को रेडियो पर प्रसारित संस्कृत समाचार सुनने के लिए प्रेरित किया, जिससे भाषा सीखने में और सुविधा हो सके।
ग्राम प्रधान प्रभा पाण्डे ने संस्कृत भाषा के विस्तार के लिए आवश्यक संसाधनों की मांग रखी, जिस पर सचिव ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत प्रशिक्षक दीपक पाण्डे ने किया, जबकि सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा नैनीताल यशोदा प्रसाद सेमल्टी ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में ग्राम प्रधान द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर श्वेता सैनी, डॉ. हरिचन्द्र गुरूरानी, उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थान के शोध अधिकारी दुर्गादत्त कपिलाश्रमी, सं.उ.म.वि. हल्द्वानी के प्रभारी प्रधानाचार्य राजेन्द्र भट्ट, सहायक अध्यापक प्रकाश रूवाली, डॉ. नारायण दत्त थुवाल, कृष्ण चन्द्र पाण्डे, हरीश चन्द्र जोशी, नवीन चन्द्र जोशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षक, अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
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