कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत का नैनीताल में औचक निरीक्षण, 143 लंबित प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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नैनीताल, 11 मई 2026।

कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने सोमवार को नैनीताल स्थित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय, तहसील कार्यालय तथा निबंधन (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व वादों, अभिलेखों के रखरखाव और कार्यालयीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए कई कमियां पाईं और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।

आयुक्त ने उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पाया कि धारा 229-बी के कई प्रकरण 15 से 20 वर्षों से लंबित हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि पुराने मामलों में अनावश्यक लंबी तिथियां न दी जाएं और प्रत्येक सप्ताह सुनवाई कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

धारा 176 के अंतर्गत संपत्ति बंटवारे से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि उपजिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद कई मामलों में पटवारियों द्वारा ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए गए हैं। इस पर आयुक्त ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

धारा 143 से संबंधित मामलों की समीक्षा में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। राजस्व अहलमद द्वारा अभिलेखों का सही रखरखाव न करने और मामलों की जानकारी न होने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मचारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही, अन्य राजस्व निरीक्षकों एवं उप निरीक्षकों की भी सूची तैयार कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 143 से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण उसी दिन सुनिश्चित किया जाए और जब तक कार्य पूर्ण न हो, कार्यालय खुला रखा जाए। साथ ही अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान सम्मन तामिली पंजिका, इश्तहार पंजिका सहित अन्य अभिलेखों का भी अवलोकन किया गया, जिनमें अनियमितताएं पाई गईं। इस पर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को फटकार लगाते हुए कार्यों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी वादों को आरसीएमएस पोर्टल पर अपलोड करने और पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत आयुक्त ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां रजिस्ट्री दस्तावेजों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। रजिस्ट्री प्राप्ति के लिए पंजिका का अभाव और दस्तावेजों का सही विवरण उपलब्ध न होने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब किया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा, तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

आयुक्त ने कहा कि जनता को अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए समयबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

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