हिमालय के प्रसिद्व संत व युग पुरुष थे बाल कृष्ण यति महाराज: सोमेश्वर यति जी पुण्य तिथि पर आज सांय होगा सुन्दरकाण्ड का पाठ

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बेरीपड़ाव(हल्द्वानी) *🌹👉वरिष्ठ़ महामण्डलेश्वर श्री सोमेश्वर यति महाराज जी ने कहा कि सनातन धर्म में जब जब सत्य व धर्म की रक्षा के लिए संतों के योगदान की चर्चा होती रहेगी, तब तब महान् युग पुरुष तपोनिष्ठ आध्यात्मिक जगत के अलौकिक महापुरुष ब्रहमलीन संत परम पूज्य गुरुदेव महामण्डलेश्वर ब्रम्हलीन बालकृष्ण यति महाराज जी का परम श्रद्वा के साथ स्मरण किया जाता रहेगा*।

*🌹👉 और इनका स्मरण भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा का नया संचार करेगा।और हम सभी का मार्गदर्शन भी अष्टादश भुजा माता महालक्ष्मी मंदिर बेरीपड़ाव पहुंचकर श्रद्वालुजन जब माता के श्रीचरणों में अपने आराधना के श्रद्वा पुष्प अर्पित करेंगे तब सहज में ही याद आऐगे यति महाराज, उनका निर्मल, निष्ठामय, कर्तव्यमय, सादगी भरा जीवन, क्षमा, व दया की प्रतिमूर्ति, मर्यादा के महान् रक्षक, माहन् गौ भक्त, एक आत्मनिष्ठ, निष्काम कर्मयोगी, आध्यात्म जगत की जितनी भी उपमाएं है वे सब उनमें झलकती थी, लोग उनसे मिलकर अपने सौभाग्य की सराहना करते थें*

*🌹👉 उनका दर्शन उनकी वाणी जीवन के कई अनसुलझी गुत्थियों को बरबस ही सुलझा देती थी। जो सच्चे हदय से उनके निकट आकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करता था, वह ज्ञान की नई अनुभूतियां पाकर अपने जीवन को धन्य समझता था *🌹👉पूज्य गुरुदेव जी की कृपा का वर्णन शब्दों में नही किया जा सकता है* ◆

*🌹👉 महान ब्रह्मनिष्ठ महामण्डलेश्वर श्री बालकृष्ण यति जी महाराज मूल रूप से जनपद बागेश्वर अन्तर्गत जोशी गांव से सम्बन्ध रखते थे। वर्ष 1918 में एक सुसंस्कृत ब्राह्मण परिवार में जन्मे श्री यति महाराज बाल्यकाल से ही धर्म तथा आध्यात्म में रुचि रखने लगे थे और किशोरावस्था में आते-आते उन्होंने सन्यास ग्रहण कर लिया था। अपने गुरु, स्वामी विश्वनाथ यति महाराज के स्नेहिल सानिध्य में बालकृष्ण यति महाराज ने वेद, वेदांग, उपनिषद, धर्मशास्त्र, दर्शन शास्त्र समेत अनेक सनातन ग्रन्थों का गहन अध्ययन किया। उनकी प्रारभिक शिक्षा तो गांव में तथा बागेश्वर में ही हुई, लेकिन बाद की शिक्षा उज्जैन, मिर्जापुर व बनारस से प्राप्त कीं। ज्ञान के प्रचार के साथ ही उन्होंने देश के अनेक भागों में कई विद्यालय खुलवाए और धर्म व आध्यात्म के प्रचारार्थ अनेक मन्दिरों का निर्माण करवाया*

◆ *🌹👉 जनपद नैनीताल अन्तर्गत हल्द्वानी नगर में महादेव गिरि महाविद्यालय महाराज के प्रयासों का ही प्रतिफल है, जहां से सैकड़ों छात्र संस्कृत भाषा में अनेक उपाधियां लेकर आज समाज व देश की सेवा कर रहे है* बेरीपड़ाव अष्टादश भुजा माता महालक्ष्मी के आस्थावान भक्त मोहन चन्द्र पाण्डे ने बताया पुण्य तिथी पर आज सांय 4 बजे सुन्दरकाण्ड का आयोजन अष्टादश भुजा माता महालक्ष्मी मंदिर बेरीपड़ाव में होगा//// रमाकान्त पन्त////

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