सुंदरता की सनक या मौत का सामान? जानिए किस ‘अदृश्य खतरे’ की गिरफ्त में आ रहे देश के युवा!

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सुंदरता की सनक या मौत का सामान? जानिए किस ‘अदृश्य खतरे’ की गिरफ्त में आ रहे देश के युवा!

देश के महानगरों में नौजवान पीढ़ी अपने चेहरे को नया लुक देने के लिए धड़ल्ले से प्लास्टिक सर्जरी का सहारा ले रही है। मुंबई, दिल्ली, बंगलुरू, जयपुर, चेन्नई के अलावा पंजाब के बड़े शहरों लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, मोहाली व चंडीगढ़ में भी यह होड़ बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना कई ऐसे मामले उनके पास आते हैं जहाँ मरीजों को सर्जरी की जरूरत नहीं होती, बल्कि उन्हें काउंसलिंग की जरूरत होती है। परंतु पैसे कमाने के चक्कर में कई केंद्रों और अस्पतालों में ऐसा नहीं हो पा रहा है। अधिकतर युवा वर्ग सर्जरी के बारे में पूरी जानकारी लिए बिना और अपने शरीर की बनावट व बीमारियों से अनजान रहते हुए भी सर्जरी करवाने को तैयार हो जाते हैं।

*डॉक्टर क्या कहते हैं*

कॉस्मैटिक सर्जन डॉ. वाई. के. गुप्ता का कहना है कि कॉस्मैटिक सर्जरी भी अन्य सर्जरी जैसी ही है। यदि यह अनुभवहीन डॉक्टर द्वारा की जाए तो उतने ही खतरे हैं जितने किसी अन्य सर्जरी में होते हैं। बड़े-बड़े निजी अस्पतालों में सर्जरी से पहले मरीज से घंटों बातचीत होती है। यदि कॉस्मैटिक सर्जरी ज्यादा जरूरी नहीं होती तो डॉक्टर उसे करने के लिए तैयार नहीं होते। ऐसे मरीजों का उपचार सौंदर्य रसायनों से भी किया जा सकता है ताकि चेहरे के दाग-धब्बे मिटाए जा सकें और चेहरे पर फ्रेशनैस व चमक आ जाए लेकिन दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में जगह-जगह खुले फैशन केंद्र, नर्सिंग होम और निजी अस्पताल रुपए कमाने के चक्कर में खुलेआम नियमों को नजरअंदाज कर लोगों को बेवकूफ बनाकर लूट मचा रहे हैं।
*कौन और क्यों करवा रहा सर्जरी*

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सर्जरी करवाने की दौड़ में केवल लड़कियाँ ही नहीं, बल्कि उससे भी ज्यादा संख्या में लड़के शामिल हो रहे हैं। कॉस्मैटिक विशेषज्ञों के अनुसार उनके पास आने वाले 50 से 60 प्रतिशत लोगों को वास्तव में कॉस्मैटिक सर्जरी की जरूरत होती है। 20 से 30 प्रतिशत लोग मनोवैज्ञानिक कारणों और चमत्कारिक रूप से सुंदर दिखने की चाह में सर्जरी के दीवाने हो जाते हैं। 10 फीसदी ऐसे नौजवान लड़के-लड़कियाँ हैं जिनकी शारीरिक असुंदरता के कारण शादी नहीं हो पाती, इसलिए वे अप-टू-डेट बनना चाहते हैं।
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और टीवी पर मॉडलिंग व फैशन प्रतियोगिताओं की बढ़ती मांग से भी युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। कुछ क्लीनिक नौजवानों में बढ़ती प्लास्टिक सर्जरी की लोकप्रियता का नाजायज लाभ उठा रहे हैं। “कुछ समय में सुंदर बना देंगे, काया-कल्प कर देंगे” का लालच देकर भी भोले-भाले युवाओं को दोनों हाथों से लूट रहे हैं।
सरकारी सिविल अस्पतालों में प्लास्टिक सर्जरी न होने के कारण निजी केंद्र युवाओं और युवतियों का पलकें बिछाकर स्वागत करते हैं और मोटी रकम लेकर सर्जरी करते हैं।
आजकल युवाओं के अलावा बढ़ती उम्र की महिलाओं में भी 3-4 प्रकार की कॉस्मैटिक सर्जरी लोकप्रिय हो रही हैं – राइनोप्लास्टी (नाक), फेस लिफ्ट, ब्लीफेरोप्लास्टी (आँखों के नीचे की झुर्रियाँ हटाना), ओटोप्लास्टी (कान) तथा लाइपोसेक्शन (चर्बी निकालना)।
श्रीगंगानगर के कॉस्मैटिक सर्जन डॉ. वीरेन्द्र बांसल का कहना है कि हमारे पास अधिकतर केस नाक और अन्य हिस्सों के आते हैं जहाँ 19-29 का ही फर्क पड़ता है। कई केस ऐसे भी आते हैं जिन्होंने नीम-हकीमों से सर्जरी करवाई और केस खराब होने पर अब सुधार चाहते हैं। अतः एक कुशल डॉक्टर से ही ऑपरेशन कराना जरूरी है, वरना एस्थेटिक कॉम्प्लीकेशन की संभावना रहती है।
*सर्जरी से पहले जरूरी सावधानियाँ*

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अपोलो अस्पताल के डॉ. के. डी. सिंह के अनुसार सर्जरी से पहले कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। रक्त का थक्का बनने का समय, रक्तस्राव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, हृदय संबंधी बीमारियों वाले मरीजों को इस सर्जरी से दूर रहना चाहिए। शराब और सिगरेट पीने वालों को पहले यह आदत बंद करनी होगी, तभी वे ऑपरेशन के योग्य हो पाएंगे।
डॉ. राजपाल विज का कहना है कि कई बार 50 वर्ष से ऊपर की महिलाएँ नाक की स्थिति को लेकर परेशान रहती हैं। यदि कॉस्मैटिक सर्जरी से कोई समस्या हल होती है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। मरीज को पूरे आत्मविश्वास में लेकर ही निर्णय लिया जाना चाहिए।

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(सुभाष आनंद – विभूति फीचर्स)

*(विभूति फीचर्स)*

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