Category: फीचर्स

सदैव मंगलकारी प्रभु श्रीराम के परमभक्त पवनपुत्र हनुमान

(अंजनी सक्सेना-विभूति फीचर्स) बजरंगबली पवन पुत्र हनुमान सदैव मंगलकारी एवं सभी प्रकार के विघ्न बाधाओं को समूल नष्ट करने वाले हैं। वे प्रभु श्रीराम के परमभक्त हैं और रामकाज के….

स्मृतियों के झरोखे से: कुचौली गाँव का वह पावन आंगन

स्मृतियों के झरोखे से: कुचौली गाँव का वह पावन आंगन ​यह तस्वीर सिर्फ ईंट-पत्थर से बने एक पुराने मकान की नहीं है, बल्कि एक पूरे युग, अनगिनत यादों और गहरी….

दृष्टिकोण : *अफवाहों के चलते अराजकता चिंतनीय

(मुकेश “कबीर-विभूति फीचर्स) दुनिया में ईश्वर के बहुत से अवतार हुए, वैष्णव परम्परा में अभी तक तेईस अवतार हो चुके हैं लेकिन सिर्फ श्रीराम को ही राजा राम कहा गया….

दृष्टिकोण : *अफवाहों के चलते अराजकता चिंतनीय*

(डॉ. सुधाकर आशावादी -विनायक फीचर्स) किसी भी देश का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब वहां के नागरिक देश, काल और परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढाल कर देश के….

वर्तमान वैश्विक संकट में भगवान महावीर के पंचमहाव्रत का मार्गदर्शन

*वर्तमान वैश्विक संकट में भगवान महावीर के पंचमहाव्रत का मार्गदर्शन* (पवन वर्मा-विनायक फीचर्स) इन दिनों विश्व एक गहरे संक्रमण काल से गुजर रहा है। युद्ध , आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संसाधनों….

गुमनामी में खोती जा रही गंगोलीहाट की प्राचीन गणेश्वर महादेव गुफा, स्कंद पुराण में वर्णित अद्भुत आध्यात्मिक धरोहर

  गंगोलीहाट /गुफाओं की नगरी के रूप में प्रसिद्ध गंगोलीहाट क्षेत्र में पाताल भुवनेश्वर के समीप स्थित प्राचीन एवं पौराणिक गणेश्वर महादेव गुफा आज भी गुमनामी के साये में उपेक्षित….

काशी की अधिष्ठात्री: माँ अन्नपूर्णा की पौराणिक कथा

  काशी की अधिष्ठात्री: माँ अन्नपूर्णा की पौराणिक कथा ​​संसार की सबसे प्राचीन नगरी काशी, जो भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी मानी जाती है, केवल मोक्ष की नगरी नहीं….

ग्लोबल वार्मिंग: पृथ्वी के बढ़ते तापमान की गंभीर वैश्विक चुनौती

  (चंद्रकांति आर्य-विभूति फीचर्स) वर्तमान समय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र प्रगति ने मानव जीवन को अत्यधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाया है, तथापि इसके परिणामस्वरूप पर्यावरणीय असंतुलन….

नव संवत्सर पर एमपी का नया संकल्प…किसान, पानी और प्रगति

(डॉ. मोहन यादव-विभूति फीचर्स) चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला नवसंवत्सर हमारी सांस्कृतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टि और प्राकृतिक जीवन पद्धति का प्रतीक है। इस वर्ष विक्रम संवत् 2083 का….

नवचेतना, नवऊर्जा, नव उल्लास और नवसंकल्प का पावन आरंभ है नव संवत्सर

    भारतीय संस्कृति में नव संवत्सर केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि नवचेतना, नवऊर्जा और नवसंकल्प का पावन आरंभ है। यह वह क्षण है जब प्रकृति स्वयं अपने नव….