Category: धार्मिक / आध्यात्मिक

प्रसिद्घ धर्मस्थली कामाख्याधाम

प्रसिद्घ धर्मस्थली कामाख्या धाम, गुवाहाटी से तकरीबन दो किलोमीटर पूर्व में नीलांचल पर्वत पर स्थित है, जिसकी ऊंचाई 525 फीट है। कामाख्या मंदिर देश विदेश के पर्यटकों के लिए प्रसिद्घ….

राम नवमी पर विशेष : बुंदेली लोक जीवन के कण-कण और क्षण-क्षण में रचे बसे श्रीराम

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्री राम बुंदेलखंड के लोक जीवन में सर्व व्याप्त हैं । अभिवादन में राम राम , जन्म , विभिन्न तीज त्यौहार , विवाह संस्कार से लेकर जीवन….

जानिये श्री रामनवमी पर अवंतिका देवी मंदिर में दीपदान का महत्व

  अवंतिका देवी मंदिर में दीपदान का महत्व देवी के मंदिर में दीपदान का विशेष महत्व है खासतौर पर नवरात्र के अवसरों पर दीपदान का महत्व बड़ा ही फलदायी माना….

श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनने को भद्रकाली में उमड़ा आस्था का शैलाब, दीपदान की तैयारी शुरु

कांडा। संवाददाता कुमाऊँ का प्रसिद्ध वैष्णवी स्थल व जन- जन की आस्था का केंद्र कमस्यारघाटी के सुप्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनने को श्रद्धालुओं का शैलाब उमड़….

भूमण्डल पर देवी का ऐसा दूसरा तीर्थ नही

  विंध्यवासिनी / मिर्जापुर/ माँ विंध्यवासिनी सर्व सौभाग्य को प्रदान करनें वाली परम कल्याणी स्वरुपा देवी के रुप में पूजनीय है।इनकी आराधना का फल अतुलनीय माना गया है। माँ विंध्यवासिनी….

स्पेशल रिपोर्ट : लालकुआँ के इस मंदिर की महिमां की गूंज देश के अनेक भागों तक

माँ अवन्तिका की शरणागति ही हर तरह के संशय, संकट भय रोग,शोक दुख दरिद्र एवं विपदाओं से मुक्त करती है। शिव के साथ माँ का पूजन वैभव को प्रदान करने….

महारहस्य : विन्ध्यांचल की भांति ही पूज्यनीय है उत्तराखण्ड की यह देवी, यहां झलकती है, शक्ति की अद्भूत लीला, पुराणों में मिलता है वर्णन

  महारहस्य : उत्तराखण्ड में यहां झलकती है, शक्ति की अद्भूत लीला, पुराणों में मिलता है वर्णन, श्री राम के पूर्वज राजा दीलिप से जुड़ी है यहाँ की गाथा जनपद….

नवरात्र में माँ पीताम्बरी की साधना से होता है जटिल समस्याओं का निदान, कर लो माँ का ध्यान: सत्य साधक जी

  बहराइच /बड़ी से बड़ी समस्याओं से त्वरित मुक्ति पाने तथा जीवन में सुख, समृद्धि, यश – वैभव, सम्मान व परम शान्ति प्राप्त करने हेतु कलिकाल में माँ पीताम्बरी देवी….

माँ भद्रकाली दरबार में निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् देवी भागवत कथा शुरू, सुन्दर वीडियो में देखिए मंदिर परिसर के अद्भूत दृश्य

  कलश यात्रा का फल अश्वमेघ यज्ञ के समान : प० मनोज कृष्ण कलश यात्रा के दर्शन से मिलता है महापुण्य: योगेश पन्त माँ भद्रकाली दरबार कमस्यार घाटी बागेश्वर में….

विशेष आलेख : सोलह दिन की साधना के बाद आज अमर सुहाग की कामना को लेकर मनाया जाता है यह पर्व और किया जाता है व्रत

  भारत में त्यौहारों का स्वरूप धार्मिक ही है। यहां प्रत्येक त्यौहार मानव मन की आस्था और अटूट विश्वास से जुड़ा हुआ है। भारतीय नारियों के भी अपने कुछ व्रत….