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देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल हल्दूचौड़ ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बांटे पौधे व पौधे रोपित किये

हल्दूचौड़। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधों की देखभाल जरूरी है। इनको लगाना जितना जरूरी है , उससे ज्यादा जरूरी है, इनको रोपित करने के बाद शुरुआती 3 वर्ष तक इनकी….

हिमालय के प्रसिद्व संत व युग पुरुष थे बाल कृष्ण यति महाराज: सोमेश्वर यति जी पुण्य तिथि पर आज सांय होगा सुन्दरकाण्ड का पाठ

बेरीपड़ाव(हल्द्वानी) *🌹👉वरिष्ठ़ महामण्डलेश्वर श्री सोमेश्वर यति महाराज जी ने कहा कि सनातन धर्म में जब जब सत्य व धर्म की रक्षा के लिए संतों के योगदान की चर्चा होती रहेगी,….

श्रद्धापूर्वक मनाया गया कारगिल विजय शौर्य दिवस

  रूद्रपुर 26 जुलाई 2024/ 25वां कारगिल विजय दिवस शौर्य दिवस के रूप मे पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल मे श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी उदयराज सिंह,….

रजत जयंती कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जा रहा है

  नैनीताल 26 जुलाई, 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई में भारत के वीर सपूतों ने पाकिस्तान को उसकी सही जगह दिखाई, तब से प्रत्येक वर्ष 26….

कुमाऊँ का वैद्यनाथ तीर्थ जहां के पूजन से पूर्ण होते है मनोरथ

  तीनों लोकों के स्वामी त्रिभुवनेश्वर भगवान शिव जी की महिमां अपरंपार है आदि व अनादि से रहित कण- कण में ब्याप्त भोलेनाथ जी को कैलाश वासी भी कहा जाता….

दुर्लभ रहस्यः भृगु ऋषि ने कुमाऊँ के इस पर्वत पर की थी तपस्या

  भृगुतुम्ब(पिथौरागढ़)/ जनपद पिथौरागढ़ के गंगावली क्षेत्रं में मल्लागर्खा के समीप स्थित भृगु ऋषि की तपोभूमि तीर्थाटन एंव पर्यटन की परिधी से कोसों दूर है।बदहाली का आलम यह है,कि गुफा….

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्त्ता हेमवती नन्दन दुर्गापाल ने किये माँ अवंतिका के दर्शन, क्षेंत्र की सुख समद्वि व मंगलकामना को लेकर माँ से की प्रार्थना

  लालकुआँ/ क्षेंत्र के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्त्ता हेमवती नन्दन दुर्गापाल ने माँ अवंतिका कुंज मन्दिर में पहुंचकर माँ अवंतिका व अवंतिकेश्वर महादेव के दर्शन करके क्षेत्र की सुख समृद्धि एवं….

शिव रहस्य: जानिये काशी के किस राजा ने शुरु करवायी थी कैलाश यात्रा

*🌹सनातन संस्कृति का महातीर्थ है हिमालय स्थित कैलाश पर्वत* *🌹राजा मान्धाता ने प्रकाशित किया सर्वप्रथम इस पर्वत को* *🌹आदि काल से महत्व रहा कैलाश यात्रा का* *🌹भगवान दत्तात्रेय ने शुरु….

हिमालय में बाबा विश्वनाथ जी का यह है गुप्त क्षेत्र, अद्भूत है यहाँ की महिमां

  रूद्रप्रयाग गुप्तकाशी।बाबा विश्वनाथ जी की गुप्त नगरी गुप्तकाशी की महिमा सदियों से पूज्यनीय है, आध्यात्मिक लिहाज से यह स्थान जितना महत्वपूर्ण है तीर्थाटन की दृष्टि से उतना ही उपेक्षित….

ममता व करुणा की यह मूर्ति सदैव स्मरणीय रहेंगी कर्म,निष्ठा,व संघर्ष का संगम थी श्रीमती धनौली देवी, पीपलपानी संस्कार 28 जुलाई को

  हल्दूचौड़ के शिवालिक पुरम् निवासी आध्यामिक विचारधारा की धनी श्रीमती धनौली देवी हालांकि अब इस संसार में नहीं है बीते 17 जुलाई को उनका निधन हो गया है लेकिन….