कर्तव्य का कड़ा पहरा या मां की अगाध भक्ति… जब सख्त कोतवाल पहुंचे अवंतिका धाम, जानें क्या हुआ शनिवार की शाम

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कर्तव्य का कड़ा पहरा या मां की अगाध भक्ति… जब सख्त कोतवाल पहुंचे अवंतिका धाम, जानें क्या हुआ शनिवार की शाम

शैल शक्ति ब्यूरो, लालकुआं:

एक तरफ अपराधियों के लिए लोहे जैसी सख्ती, तो दूसरी तरफ मानवीय संवेदनाओं और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था का अनूठा संगम। कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करने वाले लालकुआं के कोतवाल बृजमोहन सिंह राणा जब शनिवार की शाम अवंतिका मंदिर पहुंचे, तो वहां का दृश्य आस्था और कर्तव्यनिष्ठा के सुंदर मिलन में बदल गया। इस विशेष अवसर पर कोतवाल राणा को बहुचर्चित धार्मिक कृति ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ पुस्तक सप्रेम भेंट की गई।

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शनिवार संध्या को क्षेत्र के प्रसिद्ध आस्था केंद्र माँ अवंतिका मंदिर परिसर में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में कोतवाल बृजमोहन सिंह राणा की कार्यशैली और उनके मानवीय पहलुओं की खुलकर सराहना की गई। अपने दायित्वों के प्रति सदैव सजग रहने वाले बृजमोहन सिंह राणा क्षेत्र में जहां अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं, वहीं आमजन के प्रति उनका व्यवहार मानवीय मूल्यों की अद्भुत मिसाल पेश करता है। वे कानून के निष्पक्ष अनुपालन और प्रशासनिक मर्यादाओं के प्रबल पक्षधर माने जाते हैं।

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कानून के कड़े पहरेदार होने के साथ-साथ कोतवाल राणा के भीतर माँ भगवती जगदम्बा और माँ अवंतिका के प्रति अगाध श्रद्धा और अटूट विश्वास है। मंदिर प्रांगण में जब उन्हें ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ पुस्तक भेंट स्वरूप दी गई, तो उन्होंने इसे मां भगवती का पावन आशीर्वाद बताते हुए अत्यंत आदर और विनम्रता के साथ स्वीकार किया।

इस गरिमामय अवसर पर मुख्य रूप से राधे-राधे सेवा समिति के अध्यक्ष संजीव शर्मा, माँ अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग व श्रद्धालु मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि एक सजग और संवेदनशील पुलिस अधिकारी का अध्यात्म और मर्यादा से गहरा जुड़ाव पूरे समाज को सुरक्षा और सकारात्मकता का संदेश देता है। मां अवंतिका के पावन धाम में हुआ यह आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा व सराहना का विषय बना हुआ है।

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