देवभूमि में किसका होने जा रहा है दिव्य आगमन? 17 सितंबर से बिन्दुखत्ता में सजेगा अलौकिक दरबार; भक्त वीरेंद्र दानू ने साझा की महापर्व की पावन रूपरेखा

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देवभूमि में किसका होने जा रहा है दिव्य आगमन? 17 सितंबर से बिन्दुखत्ता में सजेगा अलौकिक दरबार; भक्त वीरेंद्र दानू ने साझा की महापर्व की पावन रूपरेखा

लालकुआँ/बिन्दुखत्ता (नैनीताल): उत्तराखंड की पावन धरा पर एक बार फिर आस्था, लोक-संस्कृति और भक्ति का ऐसा संगम सजने जा रहा है, जिसका इंतजार हर भक्त को पूरे वर्ष रहता है। हिमालय की अधिष्ठात्री, देवभूमि की कुलदेवी माँ नन्दा-सुनन्दा अपने भक्तों को आशीर्वाद देने अपने मायके पधार रही हैं। वर्ष 2007 से निरंतर चली आ रही इस पावन परंपरा के तहत इस बार भी बिन्दुखत्ता में माँ नन्दा-सुनन्दा महोत्सव-2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन 17 से 19 सितम्बर 2026 तक श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा।

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माँ नन्दा की अलौकिक महिमा कुमाऊं और गढ़वाल की लोक-संस्कृति में माँ नन्दा केवल एक देवी नहीं, बल्कि लोक-मानस की बेटी और कुल-स्वामिनी हैं। मान्यता है कि जब माँ नन्दा अपने मायके आती हैं, तो संपूर्ण प्रकृति और जनमानस भाव-विभोर हो उठता है। माँ नन्दा-सुनन्दा का यह उत्सव सुख, समृद्धि, प्राकृतिक संतुलन और मंगलकारी ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। कदली वृक्ष में माँ के स्वरूप की प्रतिष्ठा से लेकर विदाई तक का हर क्षण भक्तों की आँखों में श्रद्धा और अश्रु दोनों भर देता है।

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भक्त वीरेंद्र दानू ने दी विस्तृत जानकारी माँ नन्दा के अनन्य आस्थावान भक्त वीरेंद्र दानू ने इस भव्य आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने के लिए माँ नन्दा सुनन्दा महोत्सव मन्दिर समिति द्वारा यह आयोजन माँ सरस्वती मन्दिर (निकट प्राईमरी पाठशाला, कार रोड, इन्द्रानगर-2, बिन्दुखत्ता) के प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है।

तीन दिवसीय महोत्सव का पावन कार्यक्रम

  • 17 सितम्बर 2026 (बृहस्पतिवार):
    • प्रातः 08:30 बजे: पारंपरिक विधि-विधान के साथ कदली वृक्ष लाने का शुभ कार्यक्रम।
    • रात्रि 08:00 बजे: माँ की विशेष पूजा-अर्चना एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • 18 सितम्बर 2026 (शुक्रवार):
    • प्रातः 08:00 बजे: मातृशक्ति की अगुवाई में भव्य कलश यात्रा।
    • रात्रि 08:00 बजे: भक्तिमय पूजा-अर्चना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।
  • 19 सितम्बर 2026 (शनिवार):
    • दोपहर 01:00 बजे से: पावन हवन-यज्ञ, माँ की प्रतिमा का भावपूर्ण विसर्जन, महोत्सव का औपचारिक समापन तथा विशाल भंडारा।
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भक्त वीरेंद्र दानू एवं मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से सपरिवार इस पावन महोत्सव में उपस्थित होकर माँ नन्दा-सुनन्दा का आशीर्वाद प्राप्त करने और पुण्य के भागी बनने की भावपूर्ण अपील की है।

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