धरने के 50 वें दिन मशहूर जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने जनगीतों और अपने संबोधन के माध्यम से समर्थन किया

ख़बर शेयर करें

हल्द्वानी 6 अक्टूबर

धरने के 50 वें दिन मशहूर जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने जनगीतों और अपने संबोधन के माध्यम से समर्थन किया
• मोदी सरकार जमीनों से लेकर रेलवे-स्टेशन सब कुछ अपने चहेतों को देना चाहती है: बल्ली सिंह चीमा
• बागजाला आंदोलन ने सरकार की बैचेनी बढ़ा दी है, आप ये बेचैनी जितनी अधिक बढ़ायेंगे समाधान उतनी जल्दी होगा : इंद्रेश मैखुरी

बागजाला वासियों का अनिश्चितकालीन धरना बागजाला में ऐतिहासिक 50वें दिन भी जारी रहा। गौरतलब है कि बागजाला वासियों को मालिकाना अधिकार देने, निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने, पंचायत चुनाव के अधिकार को बहाल करने समेत आठ सूत्रीय मांगों पर धरना 18 सितंबर से चल रहा है।

आज के मुख्य अतिथि जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने कहा कि, किसानों मजदूरों और आम लोगों को जो भी सरकारी सुविधाएं लंबे समय के संघर्ष से प्राप्त हुई थीं वो सभी मोदी सरकार एक एक करके छीन रही है। जमीनों से लेकर रेलवे-स्टेशन सब कुछ यह सरकार अपने प्रिय पूंजीपतियों अडानी अम्बानी को लगभग मुफ्त लुटा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  11 हजार फीट की ऊँचाई पर दफन मोक्ष का भूगोल: जहाँ बर्फ के गर्भ से फूटती है अग्नि, पारे के बुदबुदाते हैं कुंड और लोहे को स्वर्ण बनाती है लाल धारा

मुख्य वक्ता भाकपा माले के राज्य सचिव कामरेड इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि, बागजाला के अधिकारों के लिए चल रही आपकी इस निरंतर और मजबूत लड़ाई ने इस सरकार की बैचेनी बढ़ा दी है इसीलिए कुमाऊँ कमिश्नर से लेकर दर्जा राज्य मंत्री तक हर कोई आपसे धरने को खत्म करने की अपील कर रहे हैं। आप अपने आंदोलन से भाजपा की धामी सरकार की बैचेनी जितनी अधिक बढ़ायेंगे आपके सवालों के समाधान होने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी। आपके आंदोलन के ऐतिहासिक पचासवें दिन पर मैं अपनी पार्टी भाकपा माले की राज्य कमेटी की ओर से आपके संघर्ष को इंकलाबी सलाम पेश करता हूं। संघर्ष के इसी जज्बे और मजबूत एकता के दम पर अवश्य ही जीत हासिल होगी।

यह भी पढ़ें 👉  विभूति फीचर्स के लेखक, वरिष्ठ पत्रकार कुमार कृष्णन सम्मानित

जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने साथी जल जंगल जमीन का बचना बहुत जरूरी है, इसलिए इस अंधे विकास से लड़ना बहुत जरूरी है से लेकर ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के; रोटी मांग रहे लोगों से किसको खतरा होता है यार सुना है लाठीचार्ज हल्का हल्का होता है; तय करो किस ओर हो तुम तय करो किस ओर हो, आदमी के पक्ष में हो या आदमखोर हो; जिंदगी को अपनी उंगली पर नचाकर देखिए, अपनी किस्मत को जरा अब खुद जगाकर देखिए जैसे जनगीत गाकर धरने में बैठे लोगों को आंदोलित किया।

50 वें दिन के धरने में बल्ली सिंह चीमा, इंद्रेश मैखुरी, आनंद सिंह नेगी, विमला देवी, वेद प्रकाश, गणेश राम, नफीस अहमद खान, हरीश लोधी, संजय कुमार टम्टा, आकाश भारती, डा कैलाश पांडेय, महेश चन्द्र, हेमा देवी, प्रेम सिंह, चंदन सिंह, दीवान सिंह बर्गली, पंकज चौहान, मो परवेज, सुलेमान मलिक, भोला सिंह, हरदित्ता सिंह, मनी राम, गोपाल दत्त, हनीफ, मीना भट्ट, अनीता अन्ना, गोपाल सिंह बिष्ट, हरक सिंह, ऋषि मटियाली, अंबा दत्त, मोहन लाल, हरीश, सलमा, मारूफ, दुर्गा देवी, हेमा आर्य, नसीर, दीपा देवी, विमला पांडे, रेखा, उमा, दीवान राम, बन राम, जानकी बिष्ट, शबनम, वासुदेव, नीमा देवी, दीपिका, शोभा, राधा, ललित प्रसाद, देव राम, नंद किशोर, महेन्द्र पाल, मिथिलेश, सविता, पूजा, शांति, फरहाना, पुष्पा, चन्दन, इरफान, इलियास, भगवती आर्य, रेशमा, दीपिका, शकुंतला, दिव्या आर्य, हीरा देवी, रेणू देवी आदि समेत बड़ी संख्या में शामिल रहे।

यह भी पढ़ें 👉  पहाड़ के युवाओं की मुखर आवाज़ या संगठन का मजबूत संवाहक: सादगी, संघर्ष और जनसेवा के पर्याय दीपेन्द्र कोश्यारी के जन्मोत्सव पर क्यों उमड़ा शुभकामनाओं का सैलाब?

 

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad