मिटाते है असाध्य बिमारी, प्रदीप भण्ड़ारी, जटिल बिमारियों के उपचार का पावन केन्द्र पवलगढ़ की देश में बढ़ती पहचान

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जनपद नैनीताल में कोटाबाग के निकट स्थित पवलगढ़ की भूमि दिन प्रति दिन प्रसिद्धि की ओर अग्रसर है इस पावन भूमि से बैद्य राज प्रदीप भण्डारी ने गौ मूत्र और जड़ी बूटियों के मिश्रण से अद्भूत औषधी तैयार करके हजारों लोगों के असाध्य बिमारी को ठीक करके उन्हें नवजीवन प्रदान किया है

गऊ मूत्र अर्थात् गौत्र एवं जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनी दवाईयों द्वारा कैंसर, हेपेटाईटिस गठिया, शुगर, थाइराइड , ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए प्रसिद्ध प्रदीप भण्डारी मानवता की मिशाल बन चुके है गरीब असहाय व निर्धन लोगों का वे मुफ्त में इलाज करते है साथ ही उनके द्वारा निर्मित दवाइयों का मूल्य न्यूनतन रहता है दूर – दराज क्षेत्रों से लोग यहाँ उपचार के लिए आते है रोते हुए लोग आते है और हंसते- हंसते जाते है आध्यात्मिक विचार धारा के धनी प्रदीप भण्ड़ारी गम्भीर से गम्भीर बिमारी का सहज अंदाज में उपचार करते है

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गो मूत्र द्वारा कैंसर जैसी बिमारियों का उपचार करनें वाले वैद्य प्रदीप भंडारी कहते है हमारे जीवन में गौ माता कि बेहद उपयोगिता है उन्होनें कहा कि गाय प्राचीन काल से ही भारतवर्ष में पूज्य रही है, और इस देश की प्राण मानी जाती रही है, गौ पालन ही इस महान देश का सम्पूर्ण जीवन रहा है। इसीलिए गोवंश का संरक्षण, सम्वर्धन एवं विकास करना प्रत्येक भारतीय अपने जीवन का सर्व प्रधान व परम कर्तव्य समझे। उन्होनें कहा भारतीय संस्कृति की मूल में गौमाता ही रही है। इसके बिना भारत तथा भारतीयता का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

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श्री भण्डारी ने कहा वैदिक ग्रंथों से लेकर सभी आर्यग्रंथों ने खुलकर गऊ की महिमा गायी है और गोपालन को मनुष्यमात्र के लिए सबसे पवित्र कर्म कहा है। उन्होनें कहा गौ माता की रक्षा,सेवा,सबसे बड़ा धर्म है।वाल्मीकि रामायण से लेकर, महाभारत, श्रीमद् भागवत, पुराण आदि ग्रंथों गाय की महिमां का यशोगान करते है

पवलगढ़ की धरती पर रहकर लोगों का उपचार करनें वाले श्री प्रदीप भंडारी ने यज्ञ के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ के माध्यम से वातावरण को शुद्ध करके हम असाध्य बिमारियों पर विजय प्राप्त कर सकते इनके द्वारा किये जानें वाले उपचार के अद्भूत तरीकों से बड़े बड़े चिकित्सक भी हैरान है इनके द्वारा दी जानें वाली खुराक के प्रयोग से लोग कुछ ही दिनों में स्वास्थ्य हो जाते है और जटिल से जटिल बिमारियों का निदान हो जाता है अपने अनुभव साझा करते हुए यहाँ आये अनेक मरीजों ने बताया कि जब वे इलाज करा – करा कर थक चुके तो उन्होनें जीवन की हताशा में पवलगढ़ की ओर कदम बढ़ाये और उनके जीवन में आशा का संचार हुआ अब वे स्वास्थ्य है

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