माँ अवंतिका कुंज मंदिर में लोकार्पण के बाद भव्य भंडारे का आयोजन

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| लालकुआँ

लालकुआँ। माँ अवंतिका कुंज मंदिर परिसर आज भक्तिभाव, आस्था और दिव्यता से सराबोर रहा। सामुदायिक भवन के लोकार्पण के उपरांत मंदिर परिसर में भव्य विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों भक्तों ने माँ अवंतिका का प्रसाद ग्रहण कर पावन आशीर्वाद प्राप्त किया।

दोपहर से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा। भंडारे में श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ ने कार्यक्रम को अद्भुत और ऐतिहासिक बना दिया। भक्तों की लंबी कतारें, भक्ति-भजन और “जय माँ अवंतिका” के जयघोष पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊँचाई देते रहे।

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भंडारे में स्वादिष्ट प्रसाद—खीर, पूरी, आलू-दम और पंच-प्रसादी—श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। प्रसाद वितरण में मंदिर समिति के सभी पदाधिकारी, स्थानीय युवा, मातृशक्ति व स्वयंसेवक सक्रिय रूप से लगे रहे।

महिलाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने योग्य रहा। पिछौड़ा वेशभूषा में आई मातृशक्ति ने सेवा और समर्पण की अद्भुत मिसाल पेश की। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित हर वर्ग के लोगों ने प्रेम और सौहार्द के साथ प्रसाद ग्रहण किया।

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मंदिर समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह रजवार ने कहा—
“माँ अवंतिका की कृपा से लोकार्पण और भंडारा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है। भक्तों का उत्साह और सहभागिता अविस्मरणीय रही।”

महामंत्री भुवन पाण्डे ने बताया—
“यह भंडारा माँ अवंतिका के चरणों में समर्पित श्रद्धांजलि है। इतने बड़े स्तर पर भक्तों का एकत्र होना माँ के प्रति अटूट आस्था को दर्शाता है।”

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छोलिया नृत्य, मशकबीन की मधुर धुनों और भजन गायकों के सुरीले स्वर भंडारे के दौरान भी वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते रहे।

समग्र रूप से, माँ अवंतिका कुंज मंदिर परिसर में आयोजित यह विशाल भंडारा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और सामुदायिक एकता का महा-समागम बनकर उभरा।

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