सेंचुरी मिल में विशाल रक्तदान शिविर का शुभारम्भ: सीईओ अजय गुप्ता ने स्वयं रक्तदान कर पेश की अनूठी मिसाल, कही यह बड़ी बात

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सेंचुरी मिल में विशाल रक्तदान शिविर का शुभारम्भ: सीईओ अजय गुप्ता ने स्वयं रक्तदान कर पेश की अनूठी मिसाल, कही यह बड़ी बात
लालकुआं। अपनी औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में सदैव अग्रणी रहने वाली सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल द्वारा मिल परिसर चिकित्सालय में एक विशाल रक्तदान शिविर का आज रविवार को भव्य आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ प्रातः साढ़े आठ बजे से हो गया है इस शिविर का शुभारम्भ संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अजय कुमार गुप्ता ने स्वयं आगे बढ़कर और सबसे पहले रक्तदान करके किया। अपने नेतृत्व में एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए सीईओ अजय गुप्ता ने इस अवसर पर एक बेहद बड़ी और प्रेरक बात कही। उन्होंने कहा कि “नेतृत्व केवल नीतियों और निर्देशों से नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण बनने से सार्थक होता है। जब हम स्वयं समाज की भलाई के लिए पहला कदम बढ़ाते हैं, तभी हमारी टीम और समाज में एक वास्तविक व सकारात्मक बदलाव की नींव पड़ती है।”
इस पुनीत कार्य और जनसेवा के संकल्प को लेकर अजय कुमार गुप्ता ने मिल की दूरगामी सोच और कार्य संस्कृति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सेंचुरी मिल केवल औद्योगिक विकास का केंद्र नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के प्रति भी उतनी ही जवाबदेह है। इसी प्रेरणा के साथ इस बार भी रक्तदान शिविर का आयोजन कर मानवता की सेवा का एक नया संकल्प लिया जा रहा है। इस महादान में मिल के उच्च अधिकारियों से लेकर श्रमिक साथियों और स्थानीय नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि रक्तदान करने वाले प्रत्येक वॉलिंटियर की सेहत, सुरक्षा और  केयर के लिए परिसर में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी रक्तदाता को कोई असुविधा न हो। इसके साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र और प्रमुख ब्लड बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है ताकि एकत्रित रक्त सही समय पर वास्तविक जरूरतमंदों और निर्धन मरीजों तक आसानी से पहुंच सके।
आम जनमानस और विशेषकर युवा पीढ़ी में रक्तदान को लेकर होने वाली हिचकिचाहट पर बात करते हुए सीईओ अजय गुप्ता ने एक विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है और इससे किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि यह किसी डूबते हुए जीवन को बचाने का माध्यम बनता है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार की भ्रांति से दूर हटकर इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि व्यावसायिक प्रगति तब तक अधूरी है जब तक उसमें मानवीय संवेदनाएं और सेवा का भाव न जुड़ा होसेंचुरी मिल की कार्य संस्कृति में इस सेवा भाव को शामिल करने के पीछे यही दूरगामी सोच है कि यहाँ काम करने वाला हर व्यक्ति उत्पादकता के साथ-साथ समाज के प्रति भी पूरी तरह संवेदनशील और समर्पित बने।
 आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि तराई और कुमाऊं क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मिल प्रशासन लगातार प्रयासरत है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए आने वाले समय में कई और बड़े कदम उठाए जाएंगे। सेंचुरी मिल का यह प्रयास न केवल एक औद्योगिक मिसाल है, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक उत्तरदायित्व का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करता है। इस अवसर पर डा० शिव शंकर पंत व डा० पवन दत्ता सहित तमाम लोग मौजूद रहे