लालकुआं। राजनीति में जब निष्ठा, सादगी और जनसेवा का अद्भुत संगम होता है, तो व्यक्तित्व अपने आप में एक मिसाल बन जाता है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मन्त्री (ओबीसी मोर्चा) और जिला प्रभारी पिथौरागढ़ देवेन्द्र बिष्ट, जिन्हें पूरे क्षेत्र में लोग स्नेहादर से देबू भाई कहकर पुकारते हैं, मंगलवार को लालकुआं स्थित प्रसिद्ध शक्ति स्थल माँ अवंतिका मंदिर पहुंचे।
मंदिर परिसर में पहुंचने पर मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती ने बड़ी आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान एक बेहद खास और आध्यात्मिक क्षण तब आया, जब लक्ष्मण खाती ने देबू भाई को आदि शक्ति माँ अवंतिका पुस्तक भेंट स्वरूप प्रदान की। इस पल के अनेको भक्त शाक्षी रहे इस पावन पुस्तक को ग्रहण करते ही देबू भाई भावविभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण क्षेत्र असीम शांति और अलौकिक ऊर्जा का केंद्र है। माँ अवंतिका का आशीर्वाद ही हम सभी की असली ताकत है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर के सर्वांगीण विकास में अपना पूर्ण और निरंतर सहयोग देने का आश्वस्त संकल्प भी व्यक्त किया।
देवेन्द्र बिष्ट की यह राजनीतिक और सामाजिक यात्रा किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। भारत के सुदूर सीमान्त क्षेत्र धारचूला विधानसभा के छोटे से गाँव सुवा में जन्मे देबू भाई ने धरातल की चुनौतियों को बेहद करीब से देखा है। उन्होंने अपने जनसेवा जीवन की शुरुआत बिन्दुखत्ता और हल्दूचौड़ की माटी से की। एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में कदम बढ़ाने वाले देबू भाई ने पिछले 25 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के एक निष्ठावान, अनुशासित और समर्पित सिपाही के रूप में कार्य किया है। आज उनका कर्मक्षेत्र केवल एक क्षेत्र विशेष तक सीमित न रहकर सम्पूर्ण उत्तराखण्ड बन चुका है।
संगठन के प्रति देबू भाई के समर्पण का ही परिणाम है कि वे सीढ़ी-दर-सीढ़ी जिम्मेदारी संभालते हुए संगठन के विश्वस्त स्तम्भ बने। उन्होंने इन्द्रानगर बिन्दुखत्ता से बूथ अध्यक्ष के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। इसके बाद वे युवा मोर्चा मण्डल उपाध्यक्ष बिन्दुखत्ता बने, फिर मण्डल अध्यक्ष लालकुआं बिन्दुखत्ता का दायित्व सफलतापूर्वक संभाला। बाद में वे प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओबीसी मोर्चा रहे और जिला प्रभारी ओबीसी मोर्चा बागेश्वर के रूप में कार्य किया। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग के सह-संयोजक के रूप में सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के बाद वर्तमान में वे प्रदेश मन्त्री ओबीसी मोर्चा तथा पिथौरागढ़ जिले के प्रभारी के रूप में अपनी निष्ठावान सेवाएँ दे रहे हैं।
देबू भाई केवल संगठनात्मक पदों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने वाले जनसेवक के रूप में जाने जाते हैं। पूरे लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में सरकारी सहायता और अपने प्रयासों से उन्होंने विकास के अनूठे कार्य करवाए हैं। उन्होंने एक दर्जन से अधिक प्राचीन एवं स्थानीय मंदिरों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण करवाकर आस्था के केंद्रों को नया रूप दिया। इसके साथ ही कई विद्यालयों के भवनों और आंगनवाड़ी सेंटरों का जीर्णोद्धार कराया तथा सड़क, शिक्षा, यातायात, स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहे हैं।
देवेन्द्र सिंह बिष्ट की इस सेवा-यात्रा में उनके परिवार का भी अतुलनीय योगदान है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती आनंदी बिष्ट स्वयं सामाजिक-राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय हैं और वर्तमान में महिला मोर्चा जिला मन्त्री नैनीताल के रूप में नारी शक्ति को सशक्त बना रही हैं। उनके दोनों भाई भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहकर जनहित के कार्यों में निरंतर तत्पर रहते हैं।
गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहने वाले देबू भाई मानवीय गुणों की अद्भुत मिसाल हैं। 25 सालों के इस अविरल सफर में उन्होंने यह साबित किया है कि पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन जनता के दिल में स्थायी जगह सच्ची निष्ठा, सादगी और सेवा भाव से ही बनती है।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें
