दूसरों के जीवन में आग लगाने के बजाय सुराही की तरह शीतलता दें: डॉ. उषा दीदी
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा हल्द्वानी में ‘जीवन जीने की कला’ पर विशेष व्याख्यान; विधायक, महापौर सहित कई गणमान्य रहे उपस्थित
हल्द्वानी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में कालाढूंगी रोड स्थित लक्ष्मी बैंक्वेट हॉल में ‘जीवन जीने की कला’ विषय पर एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता आदरणीय डॉ. उषा दीदी रहीं।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. उषा दीदी ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के प्रति सदैव जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें दूसरों के जीवन को जलाने वाले कर्म करने के बजाय सुराही की तरह सभी को शीतलता प्रदान करने वाले कर्म करने चाहिए। जीवन को सुखमय बनाने का मूलमंत्र यही है कि हम दूसरों के दोष देखने के बजाय उनके भीतर की अच्छाइयों को देखें। मोबाइल तकनीक के दौर पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज फोन हर हाथ में है, किंतु आवश्यकता इसके सही और मर्यादित उपयोग की है। इसका ऐसा उपयोग न हो कि हम जीवन के वास्तविक उद्देश्य और नैतिक मूल्यों से ही भटक जाएं। दैनिक जीवन में सद्गुणों को अपनाकर ही जीवन को सही दिशा दी जा सकती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. उषा दीदी, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, हल्द्वानी नगर निगम के महापौर गजराज बिष्ट एवं अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई। वहीं, दूरदर्शन दिल्ली की ‘ए-ग्रेड’ नृत्य कलाकार डॉ. दीपा जोशी ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर मुख्य वक्ता व अतिथियों का अभिनंदन किया।
लोहरियासाल मल्ला सेवाकेंद्र की संचालिका दीपा दीदी ने बताया कि डॉ. उषा दीदी का हल्द्वानी में दो दिवसीय प्रवास रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता के प्रसार के लिए इस तरह के आध्यात्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते हैं।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़, पार्षद मनोज भट्ट, सुरेश भट्ट, पुष्पा लमगड़िया, विद्या महतोलिया, दीपा काण्डपाल, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता शेखर त्रिपाठी, सुरेश तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता कुबेर बोरा, हल्द्वानी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष किशोर कुमार पंत एडवोकेट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में भीमताल सेवा केंद्र से पूजा बहन, कालाढूंगी संचालिका नीमा दीदी, बरेली क्षेत्र की संचालिका पार्वती दीदी, हेमंत भाई, मधुबन से पधारे पारस भाई, बरेली से अनुराग भाई, चंद्रा बहन, हिमानी बहन, रंजना बहन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. उषा दीदी ने सभी उपस्थित जनों को राजयोग मेडिटेशन (गहन ध्यान) का अभ्यास कराया, जिससे संपूर्ण सभागार असीम शांति और दिव्यता की अनुभूति में लीन हो गया।
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