हल्द्वानी (2 नवंबर): त्योहार की असली चमक किसमें छिपी है—सिर्फ अपने आशियाने को सजाने में, या किसी और के सूने आंगन में पहला दीया जलाने में? हल्द्वानी के मुखानी रोड स्थित माँ जगदम्बा बैंक्वेट हॉल में जब सोमवार को चहल-पहल शुरू हुई, तो वहां कोई आम जलसा नहीं, बल्कि त्याग और आत्मीयता की एक अनूठी रवायत निभाई जा रही थी।
सारथी फाउंडेशन समिति ने अपनी पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए इस वर्ष भी दीपावली की पहली किरण उन मेहनतकश और जरूरतमंद परिवारों के नाम की, जो दिन-रात पसीना बहाकर समाज का पहिया घुमाते हैं। संस्था द्वारा पहले से चिन्हित इन परिवारों को जब मोमबत्ती, मिठाई, खील-बताशे, बच्चों के खिलौने, जूस, चिप्स, नमकीन और बिस्कुट से सजे उपहार सौंपे गए, तो कई नम आंखें कृतज्ञता और मुस्कान से चमक उठीं।
उपहार पाकर भावुक हुए परिजनों ने कहा कि सारथी फाउंडेशन की यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती है—यह संस्था पहले हमारे घरों में दीये रोशन करती है, उसके बाद ही अपनी दिवाली मनाती है। उपस्थित सभी लोगों ने संस्था के इस आत्मीय प्रयास की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष नवीन पंत ने सभी मेहनतकश परिवारों को दीपावली की बधाई दी और उपहार स्वरूप दीवाली सामग्री के विशेष पैक भेंट किए। उन्होंने कहा कि परिश्रम करने वाले इन परिवारों के चेहरे पर संतोष देखना ही सबसे बड़ा उत्सव है।
वहीं, सचिव ज्ञानेंद्र जोशी ने कहा कि संस्था हर वर्ष दिवाली से पहले अपनों के संग मिलकर यह खुशियां बांटती है। उन्होंने कहा, “आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद ही हमारी संस्था की असली पूंजी है, जिसके दम पर यह सेवा यात्रा अनवरत जारी है।”
इस गरिमामयी दिवाली मिलन कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष नवीन पंत व सचिव ज्ञानेंद्र जोशी के साथ चार्टर्ड एकाउंटेंट सरोज आनंद जोशी, गिरीश चंद्र लोहनी, गीता बेलवाल, हेमा जोशी, मीना साही, पूजा पंत, भावना जोशी, कौशल्या जोशी, बीना जोशी, रंजना जोशी, भावना पांडे, रमा जोशी, दीप्ति जोशी, भगवती बिष्ट और जयप्रकाश सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
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