आदि शक्ति माँ अवंतिका’ पुस्तक से हुआ जननायक का विशेष सम्मान, जानें कौन हैं माँ के दरबार पहुंचे एडवोकेट बलवंत सिंह बिष्ट

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​बिन्दुखत्ता/लालकुआं।
​प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ अवंतिका मंदिर परिसर में उस समय एक विशेष गरिमामयी वातावरण निर्मित हो गया, जब क्षेत्र के लोकप्रिय जनसेवक और वरिष्ठ अधिवक्ता बलवन्त सिंह बिष्ट माँ के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। इस पावन अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती ने उनका भव्य स्वागत किया। अध्यक्ष खाती ने एडवोकेट बिष्ट को मंगल पट्टिका पहनाई तथा ‘आदि शक्ति माँ अवंतिका’ की पावन पुस्तक भेंट कर उनका भावभीना सम्मान किया।
​संघर्ष और संस्कारों से संवरा जीवन:
​मूल रूप से बागेश्वर जिले के सुरम्य जखेड़ा गांव में जन्में एडवोकेट बलवन्त सिंह बिष्ट की कर्मभूमि बचपन से ही बिन्दुखत्ता रही है। पिता श्री गोविन्द सिंह बिष्ट और माता श्रीमती रेवती देवी के उच्च आदर्शों व संस्कारों में पले-बढ़े इस परिवार में मानवीय संवेदनाओं की सुंदर झलक स्पष्ट दिखाई देती है। तीन भाइयों और एक बहन के इस परिवार में एडवोकेट बिष्ट दूसरे नंबर के हैं। वर्तमान में कार रोड, राजीव नगर प्रथम, बिन्दुखत्ता निवासी बिष्ट बहुमुखी प्रतिभा और अद्भुत मानवीय गुणों के धनी हैं, जो क्षेत्रवासियों के सुख-दुःख में सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं।
​बिन्दुखत्ता के हक की बुलंद आवाज:
​वर्ष 2004 से सामाजिक चेतना के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय एडवोकेट बिष्ट वर्ष 2018 से वकालत के माध्यम से आमजन को न्याय दिलाने का कार्य कर रहे हैं। वर्तमान समय में वे बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव का पूर्ण अधिकार दिलाने की लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर जन-आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। वनाधिकार संगठन के सचिव पद का महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे एडवोकेट बिष्ट क्षेत्र के अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा के साथ संघर्षरत हैं।
​मंदिर विकास में हर संभव सहयोग का संकल्प:
​सम्मान के पश्चात एडवोकेट बलवन्त सिंह बिष्ट ने माँ अवंतिका की महिमा को अतुलनीय बताते हुए मंदिर परिसर में संचालित हो रहे विकास व सौंदर्यीकरण कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने मंदिर समिति को आश्वस्त किया कि माँ अवंतिका के इस पावन धाम की भव्यता, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार में जो भी सहयोग उनसे बन पड़ेगा, वे उसके लिए सदैव तत्पर और समर्पित रहेंगे।