चंद्र ग्रहण : आस्था और जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाला समय

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देशभर में 7 सितंबर, रविवार की रात आकाश में एक विशेष दृश्य दिखाई देगा। इस दिन खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, जिसका प्रभाव न केवल धार्मिक आस्थाओं पर बल्कि हर राशि के जातकों पर भी पड़ेगा।

*ग्रहण का समय*
• प्रारंभ : रात 9:57 बजे
• मध्य : रात 11:41 बजे
• समाप्ति (मोक्ष) : रात 1:27 बजे

ग्रहण के साथ ही सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।

*सूतक काल के नियम*
• भगवान की मूर्ति या विग्रह को स्पर्श न करें।
• ठोस भोजन से परहेज़ करें, केवल तरल पदार्थ लिया जा सकता है।
• बालक, वृद्ध और रोगियों को इन नियमों से छूट है।
• ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें, दान करें और फिर भोजन करें।
*राशियों पर असर*
• मेष ➝ लाभकारी परिणाम
• वृषभ ➝ शुभकारक
• मिथुन ➝ वाणी पर संयम रखें
• कर्क ➝ नकारात्मक प्रभाव संभव
• सिंह ➝ जीवनसाथी के लिए अशुभ
• कन्या ➝ सुखदायक परिणाम
• तुला ➝ चिंता की स्थिति
• वृश्चिक ➝ अनावश्यक परेशानियाँ
• धनु ➝ धन लाभ की संभावना
• मकर ➝ नुकसान व यात्रा में सावधानी
• कुंभ ➝ स्वास्थ्य पर ध्यान दें
• मीन ➝ उधार देने में सतर्कता

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*निवारण और उपाय*

जिन राशियों पर ग्रहण का प्रतिकूल असर हो सकता है, वे निम्न उपाय करें—
• ग्रहण समाप्ति के बाद अथवा अगले दिन सूर्योदय से पूर्व नदी, तालाब या जलाशय में कच्चा दूध प्रवाहित करें।
• दान करें — धन, अन्न, वस्त्र या भोजन का।
• इन उपायों से ग्रहण का नकारात्मक असर कम होगा और जीवन में शुभता बढ़ेगी।

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यह चंद्रग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आस्था और जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाला समय है। उचित सावधानी और पुण्य कार्यों से इसके दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। 

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(आचार्य राजेश-विभूति फीचर्स)

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