दर्जा राज्य मंत्री मोहन पाठक का लालकुआं आगमन पर भव्य स्वागत, माँ अवंतिका मंदिर में पूजा-अर्चना कर भंडारे में लिया भाग

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दर्जा राज्य मंत्री मोहन पाठक का लालकुआं आगमन पर भव्य स्वागत,
माँ अवंतिका मंदिर में पूजा-अर्चना कर भंडारे में लिया भाग
लालकुआं। उत्तराखंड सरकार के दर्जा राज्य मंत्री मोहन पाठक का लालकुआं पहुंचने पर क्षेत्रवासियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी, माँ अवंतिका मंदिर समिति, राधे-राधे सेवा समिति के पदाधिकारियों, विक्रम एसोसिएशन और माँ अवंतिका के सैकड़ों भक्तों ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर मंगल पट्टिका पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने दर्जा राज्य मंत्री के स्वागत में जमकर उत्साहवर्धन किया।
अपने इस यात्रा के दौरान दर्जा राज्य मंत्री मोहन पाठक ने क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ अवंतिका मंदिर परिसर में आयोजित शनि देव महायज्ञ और विशाल भंडारे में मुख्य रूप से भाग लिया। उन्होंने माँ अवंतिका के दरबार में शीश नवाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली व शांति की मंगल कामना की। इसके पश्चात उन्होंने शनि देव को समर्पित विशाल भंडारे में बैठकर मुख्य प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर मंदिर समिति द्वारा आध्यात्मिक गरिमा बढ़ाते हुए पहुंचे माँ भद्रकाली मंदिर समिति कमस्यार घाटी, बागेश्वर के मुख्य आचार्य योगेश पंत का भी फूल-मालाएं पहनाकर आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया गया।
धार्मिक अनुष्ठान और भव्य स्वागत के इस गौरवमयी अवसर पर माँ अवंतिका मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर जोशी, मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती, महामंत्री भुवन पांडे, सभासद भुवन पांडे, वरिष्ठ भाजपा नेता कमलेश चंदोला, धन सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, राधे-राधे सेवा समिति के अध्यक्ष संजीव शर्मा, नारायण सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह कनवाल, रौनक कनवाल, विमल चौधरी, सहित विक्रम एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मुरली धर पाण्डे मुख्य रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
इस पूरे महायज्ञ अनुष्ठान के मुख्य यजमान भजन सिंह नेगी एवं जगदीश चंदोला रहे। कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने और भंडारे की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में भगवान सिंह बोहरा, चंदन जोशी, चंदन उपाध्याय, मोहन उपाध्याय, दीवान सिंह, गणेश जोशी, जगदीश चंद्र, यशपाल नेगी, भीम सिंह, महेश चंद्र, आनंद सिंह परंगाई, बच्चन सिंह नयाल, भूपेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, प्रेम सुयाल, श्याम दत्त भट्ट, तारा दत्त जोशी, दिनेश चंद्र, गंगा दत्त पांडे, शंकर पनेरु, पुरन वर्मा, दिनेश फुलारा, धर्मेंद्र, कुंदन सिंह एवं अन्य सभी गाड़ी मालिकों व ड्राइवरों ने पूरी तन्मयता के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक समागम में हिस्सा लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

यहाँ एक मुलाकात में मोहन पाठक ने कहा कि राजनीति उनके लिए सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा का एक पवित्र मार्ग है। वास्तविक नेतृत्व वही है जो आम जनता के सुख-दुख में उनके साथ हमेशा खड़ा रहे, क्योंकि जनता का अटूट विश्वास ही किसी भी जननेता की सबसे बड़ी पूंजी होती है। युवाओं और संघर्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि संघर्षों की भट्टी में तपकर ही सच्चे चरित्र और सुदृढ़ नेतृत्व का निर्माण होता है। आज के युवाओं को विपरीत परिस्थितियों के सामने झुकने के बजाय, उन्हें अपनी इच्छाशक्ति से बदलने का साहस दिखाना चाहिए, क्योंकि यही युवा ऊर्जा कल के समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र का असली आधार है।
देवभूमि के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे कहा कि हमारा उत्तराखंड केवल पहाड़ों, जंगलों और नदियों का भूभाग नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति, उच्च अध्यात्म और अनगिनत आंदोलनकारियों के त्याग व महान बलिदान का पवित्र प्रतीक है। इस पावन भूमि की सेवा करना और इसकी सांस्कृतिक व ऐतिहासिक धरोहर को संजोए रखना हम सभी क्षेत्रवासियों का परम कर्तव्य है।