हल्द्वानी में इस वर्ष ऐतिहासिक होगा शरदोत्सव, स्थानीय व राष्ट्रीय प्रतिभाओं को मिलेगा भव्य महामंच: अभिनेता विक्की योगी

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शैल शक्ति से खास बातचीत में प्रसिद्ध अभिनेता एवं फिल्मकार विक्की योगी ने 26वें शरदोत्सव मेले की रूपरेखा और नवाचारों को किया साझा
शैल शक्ति ब्यूरो, हल्द्वानी।
कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में इस वर्ष आयोजित होने वाले पारंपरिक शरदोत्सव मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार का शरदोत्सव केवल पारंपरिक आयोजनों तक सीमित न रहकर उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, आधुनिक कला और नवोदित प्रतिभाओं के भव्य संगम के रूप में दिखेगा। ‘शैल शक्ति’ के साथ विशेष वार्ता में प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक एवं उत्तराखंड फिल्म विकास से जुड़े विक्की योगी ने आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
वार्ता के प्रमुख बिंदु:
* गुमनाम प्रतिभाओं को अवसर: इस वर्ष शरदोत्सव के मंच को विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली अप्रकट एवं गुमनाम प्रतिभाओं के लिए खुला रखा गया है, ताकि उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर मिल सके।
* सिनेमा और नाट्य का संगम: फिल्म एवं थियेटर जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित कलाकार और निर्देशक आयोजन का हिस्सा बनेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को कला व अभिनय के क्षेत्र में उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा।
* लोकसंस्कृति का संरक्षण: कुमाऊंनी व गढ़वाली लोकनृत्य, छोलिया, झोड़ा-चांचरी और पारंपरिक लोकगीतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा।
* युवाओं के लिए रचनात्मक प्रतियोगिताएं: नृत्य, गायन, अभिनय और चित्रकला जैसी विविध प्रतियोगिताओं के जरिए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
* भव्य मंच व तकनीकी व्यवस्था: दर्शकों के बेहतर अनुभव के लिए अत्याधुनिक साउंड, लाइट और डिजिटल प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है।
वार्ता के दौरान विक्की योगी ने कहा कि शरदोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उनका उद्देश्य इस मंच के जरिए उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों व समृद्ध परंपराओं से जोड़ना है। आयोजकों द्वारा मेले को पारिवारिक, सुरक्षित और अविस्मरणीय स्वरूप देने के लिए अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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