“श्रीराम का जीवन आज के युग में नेतृत्व, मर्यादा और सेवा की सर्वोत्तम मिसाल है”: अजय कुमार गुप्ता

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लालकुआँ में चल रही श्री रामकथा में दिन प्रतिदिन श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य कर रहे है कथा श्रवण के यहाँ पधारे सेंचुरी मिल के सीईओ अजय कुमार गुप्ता ने भी अपने आराधना के श्रद्धा पुष्प प्रभु श्री राम चन्द्र जी के चरणों में अर्पित किये इस दौरान उनके साथ मिल के उपाध्यक्ष नरेश चन्द्रा व एच आर हैड एस० के० बाजपेयी भी मौजूद थे कथा श्रवण के पश्चात् उन्होंने अपने सुन्दर अनुभव साझा किये

“श्रीराम का जीवन आज के युग में नेतृत्व, मर्यादा और सेवा की सर्वोत्तम मिसाल है”

सेचुरी मिल के सीईओ श्री अजय गुप्ता से विशेष बातचीत
लालकुआँ।

श्रीराम कथा के पावन आयोजन में शामिल होने पहुँचे सेचुरी पल्प एंड पेपर मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री अजय गुप्ता ने कथा श्रवण के उपरांत विशेष बातचीत में धर्म, अध्यात्म, नेतृत्व और सामाजिक दायित्वों पर अपने विचार साझा किए। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश—

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प्रश्न 1: श्री अजय गुप्ता जी, आप एक धार्मिक व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति है आपका समय काफी व्यस्त है ऐसे में श्रीराम कथा में आने की प्रेरणा कहाँ से मिली?

उत्तर:श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाला अमूल्य ज्ञान है। व्यस्ततम दिनचर्या के बीच जब भी श्रीराम कथा सुनने का अवसर मिलता है, तो मन स्वतः ही यहाँ खिंचा चला आता है। यह कथा आत्मिक शांति देती है और हमें अपने कर्तव्यों को मर्यादा के साथ निभाने की प्रेरणा देती है।

प्रश्न 2: श्रीराम के जीवन से आपको व्यक्तिगत रूप से कौन-सा संदेश सबसे अधिक प्रेरित करता है?

उत्तर:भगवान श्रीराम का सम्पूर्ण जीवन कर्तव्य, त्याग और सत्य का प्रतीक है। चाहे राजपाट त्याग कर वनवास स्वीकार करना हो या प्रत्येक परिस्थिति में धर्म का पालन श्रीराम हमें सिखाते हैं कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, मूल्य नहीं बदलने चाहिए। आज के समय में यह संदेश अत्यंत प्रासंगिक है।

प्रश्न 3: क्या आप मानते हैं कि श्रीराम के आदर्श आज के कॉर्पोरेट और नेतृत्व क्षेत्र में भी लागू होते हैं?

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उत्तर:निस्संदेह। श्रीराम का नेतृत्व करुणा, अनुशासन और न्याय पर आधारित था। आज के कॉर्पोरेट जगत में भी यदि नेतृत्व में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नैतिकता हो, तो संगठन स्वतः ही सशक्त बनता है। श्रीराम का चरित्र एक आदर्श प्रबंधन मॉडल है।

प्रश्न 4: श्रीराम कथा समाज पर किस प्रकार सकारात्मक प्रभाव डालती है?

उत्तर:श्रीराम कथा समाज को जोड़ने का कार्य करती है। यह व्यक्ति को आत्ममंथन का अवसर देती है और समाज में संस्कार, अनुशासन और सद्भावना का वातावरण निर्मित करती है। विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए यह चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है।

प्रश्न 5: उद्योग और अध्यात्म के बीच आप किस प्रकार संतुलन देखते हैं?
उत्तर: अध्यात्म जीवन को संतुलन देता है। उद्योग हमें कर्म करना सिखाता है और अध्यात्म हमें सही दिशा दिखाता है। जब दोनों का समन्वय होता है, तो निर्णय अधिक मानवीय और दूरदर्शी बनते हैं। यही संतुलन समाज और राष्ट्र को आगे ले जाता है।

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प्रश्न 6: ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए आपका क्या संदेश रहेगा?
उत्तर:मैं आयोजकों को साधुवाद देता हूँ कि वे ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। मेरा संदेश है कि अधिक से अधिक लोग ऐसे आयोजनों से जुड़ें, क्योंकि यह केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ बनाने की साधना है।

प्रश्न 7: अंत में क्षेत्रवासियों और युवाओं के लिए आपका संदेश?
उत्तर: युवाओं से मेरा आग्रह है कि वे श्रीराम के आदर्शों को केवल सुनें नहीं, बल्कि अपने जीवन में उतारें। सत्य, परिश्रम और सेवा यही सफलता का वास्तविक मार्ग है। जब जीवन मूल्यों पर आधारित होगा, तभी समाज और राष्ट्र सशक्त बनेगा।
श्रीराम कथा पंडाल में श्री अजय गुप्ता की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि आधुनिक उद्योग जगत के शिखर पर पहुँचकर भी भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ाव व्यक्ति को और अधिक समृद्ध बनाता है।

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