वैवाहिक वर्षगांठ को बनाया पर्यावरण संरक्षण का पर्व, समाजसेवी पंकज सिंह मनोला ने किया वृक्षारोपण

ख़बर शेयर करें

 

वैवाहिक वर्षगांठ को बनाया पर्यावरण संरक्षण का पर्व, समाजसेवी पंकज सिंह मनोला ने किया वृक्षारोपण

खटीमा, 04 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर खटीमा के प्रसिद्ध समाजसेवी, वृक्षमित्र तथा उत्तराखण्ड क्रांति दल के युवा नेता एवं कर्मचारी-अधिकारी प्रकोष्ठ के केंद्रीय उपाध्यक्ष पंकज सिंह मनोला ने अपनी वैवाहिक वर्षगांठ को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाते हुए वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लोगों से अपने जीवन के विशेष अवसरों को प्रकृति के नाम समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम ही नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर भी हैं।

यह भी पढ़ें 👉  मन की शक्ति से जीवन में भर रहीं उजाला: जानिए 'प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड' से सम्मानित डॉ. प्रियंका गुप्ता की कहानी

पंकज सिंह मनोला ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण एवं वृक्ष संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर एक पौधा भी लगाए और उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल में 100वीं ऑल इंडिया ट्रेड्स कप हॉकी प्रतियोगिता का शानदार आगाज, आयुक्त दीपक रावत ने किया उद्घाटन

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। स्थानीय नागरिकों ने पंकज सिंह मनोला की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी कदम बताया।

यह भी पढ़ें 👉  विश्व पर्यावरण दिवस पर भीमताल में होगा 3000 बोगनवेलिया पौधों का रोपण, तैयारियों का सीडीओ ने लिया जायजा मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भीमताल में तैयारियां तेज, सीडीओ ने किया स्थलीय निरीक्षण

समाजसेवी पंकज सिंह मनोला द्वारा अपनी वैवाहिक वर्षगांठ को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर मनाया गया यह प्रयास न केवल प्रकृति के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि समाज को हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण हेतु प्रेरित करने वाला अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad